ग्रह पूजाएं — वैदिक पूजा विधि
काल सर्प दोष पूजा
संक्षिप्त परिचय
काल सर्प दोष पूजा एक विशेष वैदिक उपचार अनुष्ठान है जो तब किया जाता है जब जन्म कुंडली में सभी सात ग्रह राहु और केतु के बीच आ जाते हैं और काल सर्प योग बनता है। यह दोष बार-बार विलंब, बाधाएं, आर्थिक नुकसान, स्वास्थ्य समस्याएं और कड़ी मेहनत के बावजूद इच्छाओं की अपूर्णता लाता है। पूजा त्र्यंबकेश्वर, उज्जैन या नासिक जैसे पवित्र स्थानों पर पंचमी तिथि को करना सर्वोत्तम है।
अंतिम अपडेट: 23 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा
लाभ
काल सर्प योग के दुष्प्रभाव कम होते हैं, बार-बार आने वाली बाधाएं और विलंब दूर होते हैं, करियर और आर्थिक संभावनाएं सुधरती हैं, लंबे समय से चली आ रही स्वास्थ्य समस्याएं हल होती हैं, जीवन में स्पष्टता और गति आती है, लंबित इच्छाएं पूरी होती हैं।
चरण-दर-चरण विधि
संकल्प से प्रारंभ करें। गणेश पूजा और नवग्रह पूजा करें। शिवलिंग पर दूध और जल से विशेष अभिषेक करें। चाँदी की नाग प्रतिमाओं से नाग पूजा करें — राहु और केतु को अलग-अलग दूध और फूल चढ़ाएं। राहु और केतु के बीज मंत्रों का 108-108 बार जाप करें। दूर्वा और बेलपत्र से हवन करें। महाआरती और काले तिल तथा उड़द दाल के दान से समाप्त करें।
शुभ मुहूर्त
नाग पंचमी (श्रावण शुक्ल पंचमी) सबसे शुभ है। किसी भी महीने की पंचमी तिथि को भी करें। त्र्यंबकेश्वर, उज्जैन या नासिक में करना सर्वोत्तम।
आवश्यक सामग्री
- ·शिवलिंग
- ·चाँदी की नाग प्रतिमा
- ·दूध
- ·काले तिल
- ·उड़द दाल
- ·बेलपत्र
- ·दूर्वा घास
- ·घी
- ·राहु-केतु यंत्र
- ·अगरबत्ती
- ·हवन सामग्री
सामान्य प्रश्न
प्र.काल सर्प दोष पूजा क्या है?
काल सर्प दोष पूजा एक विशेष वैदिक उपचार अनुष्ठान है जो तब किया जाता है जब जन्म कुंडली में सभी सात ग्रह राहु और केतु के बीच आ जाते हैं और काल सर्प योग बनता है। यह दोष बार-बार विलंब, बाधाएं, आर्थिक नुकसान, स्वास्थ्य समस्याएं और कड़ी मेहनत के बावजूद इच्छ...
प्र.काल सर्प दोष पूजा के क्या लाभ हैं?
काल सर्प योग के दुष्प्रभाव कम होते हैं, बार-बार आने वाली बाधाएं और विलंब दूर होते हैं, करियर और आर्थिक संभावनाएं सुधरती हैं, लंबे समय से चली आ रही स्वास्थ्य समस्याएं हल होती हैं, जीवन में स्पष्टता और गति आती है, लंबित इच्छाएं पूरी होती हैं।
प्र.काल सर्प दोष पूजा का सबसे अच्छा समय क्या है?
नाग पंचमी (श्रावण शुक्ल पंचमी) सबसे शुभ है। किसी भी महीने की पंचमी तिथि को भी करें। त्र्यंबकेश्वर, उज्जैन या नासिक में करना सर्वोत्तम।
प्र.काल सर्प दोष पूजा के लिए कौन सी सामग्री चाहिए?
शिवलिंग, चाँदी की नाग प्रतिमा, दूध, काले तिल, उड़द दाल, बेलपत्र, दूर्वा घास, घी, राहु-केतु यंत्र, अगरबत्ती, हवन सामग्री।