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ग्रह पूजाएं — वैदिक पूजा विधि

चंद्र पूजा

देवता चंद्र देव
अवधि 1–2 घंटे
श्रेणी ग्रह पूजाएं

संक्षिप्त परिचय

चंद्र पूजा चंद्रमा की उपासना है जो मन, भावनाओं, माता और अवचेतन का कारक ग्रह है। चंद्रमा मानसिक स्थिरता, भावनात्मक संतुलन, अंतर्ज्ञान और पोषण गुणों को नियंत्रित करता है। कुंडली में कमजोर या पीड़ित चंद्रमा चिंता, अवसाद, भावनात्मक अस्थिरता, अनिद्रा और माता से कठिन संबंध उत्पन्न करता है। चंद्र पूजा मन को शांत करती है।

अंतिम अपडेट: 23 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा

लाभ

मन शांत होता है और चिंता-अवसाद कम होता है, भावनात्मक संतुलन और मानसिक स्पष्टता मजबूत होती है, माता से संबंध सुधरते हैं, अंतर्ज्ञान और रचनात्मकता बढ़ती है, नींद अच्छी आती है, कुंडली में चंद्र दोष दूर होते हैं, परिवार में सुख-शांति रहती है।

चरण-दर-चरण विधि

स्नान करें और सफेद वस्त्र पहनें। उत्तर-पूर्व दिशा में सफेद कपड़े से ढकी वेदी स्थापित करें। चाँदी की चंद्र प्रतिमा या चंद्र यंत्र रखें। सफेद फूल, दूध, सफेद चावल और सफेद मिठाई चढ़ाएं। घी या तिल के तेल का दीपक जलाएं। चंद्र बीज मंत्र "ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चंद्राय नमः" का 108 बार जाप करें। चंद्र स्तोत्र पढ़ें और खीर प्रसाद चढ़ाएं।

शुभ मुहूर्त

सोमवार, पूर्णिमा (पूर्ण चंद्रमा की रात), और चतुर्थी। रात को चाँदनी में करना सर्वोत्तम। चंद्र महादशा के दौरान सबसे लाभकारी।

आवश्यक सामग्री

  • ·चाँदी की चंद्र प्रतिमा या चंद्र यंत्र
  • ·सफेद फूल
  • ·दूध
  • ·सफेद चावल
  • ·खीर
  • ·सफेद वस्त्र
  • ·घी का दीपक
  • ·चंदन का लेप
  • ·मोती या मूनस्टोन
  • ·शंख

सामान्य प्रश्न

प्र.चंद्र पूजा क्या है?

चंद्र पूजा चंद्रमा की उपासना है जो मन, भावनाओं, माता और अवचेतन का कारक ग्रह है। चंद्रमा मानसिक स्थिरता, भावनात्मक संतुलन, अंतर्ज्ञान और पोषण गुणों को नियंत्रित करता है। कुंडली में कमजोर या पीड़ित चंद्रमा चिंता, अवसाद, भावनात्मक अस्थिरता, अनिद्रा और म...

प्र.चंद्र पूजा के क्या लाभ हैं?

मन शांत होता है और चिंता-अवसाद कम होता है, भावनात्मक संतुलन और मानसिक स्पष्टता मजबूत होती है, माता से संबंध सुधरते हैं, अंतर्ज्ञान और रचनात्मकता बढ़ती है, नींद अच्छी आती है, कुंडली में चंद्र दोष दूर होते हैं, परिवार में सुख-शांति रहती है।

प्र.चंद्र पूजा का सबसे अच्छा समय क्या है?

सोमवार, पूर्णिमा (पूर्ण चंद्रमा की रात), और चतुर्थी। रात को चाँदनी में करना सर्वोत्तम। चंद्र महादशा के दौरान सबसे लाभकारी।

प्र.चंद्र पूजा के लिए कौन सी सामग्री चाहिए?

चाँदी की चंद्र प्रतिमा या चंद्र यंत्र, सफेद फूल, दूध, सफेद चावल, खीर, सफेद वस्त्र, घी का दीपक, चंदन का लेप, मोती या मूनस्टोन, शंख।

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