ग्रह पूजाएं — वैदिक पूजा विधि
बुध पूजा
संक्षिप्त परिचय
बुध पूजा एक वैदिक ग्रह पूजा है जो बुध ग्रह को प्रसन्न करने के लिए की जाती है। बुध बुद्धि, संचार, व्यापारिक कुशलता और विश्लेषण क्षमता का कारक ग्रह है। जन्म कुंडली में बुध के पीड़ित या नीच होने पर संचार समस्याएं, अनिर्णय, तंत्रिका विकार और व्यापारिक हानि होती है। नियमित बुध पूजा से बुद्धि तीक्ष्ण होती है और लेखन, वित्त तथा व्यापार में सफलता मिलती है।
अंतिम अपडेट: 23 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा
लाभ
बुद्धि और विश्लेषण क्षमता तेज होती है, संचार और वाक्पटुता में सुधार होता है, व्यापार में सफलता मिलती है, वाक् दोष दूर होते हैं, स्मृति और सीखने की क्षमता बढ़ती है, कुंडली में बुध दोष का निवारण होता है।
चरण-दर-चरण विधि
स्नान करें और हरे वस्त्र पहनें। उत्तर दिशा में वेदी स्थापित करें। बुध यंत्र या बुध का चित्र रखें। हरी मूंग दाल, हरे फूल और तुलसी चढ़ाएं। अगरबत्ती और घी का दीपक जलाएं। बुध बीज मंत्र "ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः" का 108 बार जाप करें। बुध स्तोत्र पढ़ें और हरे रंग की मिठाई प्रसाद के रूप में चढ़ाएं।
शुभ मुहूर्त
बुधवार की सुबह, विशेष रूप से बुध होरा में। बुध महादशा या अंतर्दशा के दौरान सर्वाधिक लाभकारी।
आवश्यक सामग्री
- ·बुध यंत्र
- ·हरी मूंग दाल
- ·हरे फूल
- ·तुलसी पत्ते
- ·हरा वस्त्र
- ·घी का दीपक
- ·अगरबत्ती
- ·हरी मिठाई
- ·पन्ना या हरा मनका
सामान्य प्रश्न
प्र.बुध पूजा क्या है?
बुध पूजा एक वैदिक ग्रह पूजा है जो बुध ग्रह को प्रसन्न करने के लिए की जाती है। बुध बुद्धि, संचार, व्यापारिक कुशलता और विश्लेषण क्षमता का कारक ग्रह है। जन्म कुंडली में बुध के पीड़ित या नीच होने पर संचार समस्याएं, अनिर्णय, तंत्रिका विकार और व्यापारिक हा...
प्र.बुध पूजा के क्या लाभ हैं?
बुद्धि और विश्लेषण क्षमता तेज होती है, संचार और वाक्पटुता में सुधार होता है, व्यापार में सफलता मिलती है, वाक् दोष दूर होते हैं, स्मृति और सीखने की क्षमता बढ़ती है, कुंडली में बुध दोष का निवारण होता है।
प्र.बुध पूजा का सबसे अच्छा समय क्या है?
बुधवार की सुबह, विशेष रूप से बुध होरा में। बुध महादशा या अंतर्दशा के दौरान सर्वाधिक लाभकारी।
प्र.बुध पूजा के लिए कौन सी सामग्री चाहिए?
बुध यंत्र, हरी मूंग दाल, हरे फूल, तुलसी पत्ते, हरा वस्त्र, घी का दीपक, अगरबत्ती, हरी मिठाई, पन्ना या हरा मनका।