पौराणिक मंत्र · माँ तुलसी (वृंदा)
तुलसी मंत्र
Tulsi Mantra
संस्कृत (देवनागरी)
ॐ श्री तुलस्यै नमः वृंदावनवासिन्यै नमः नमस्तुलसि कल्याणि नमो विष्णुप्रिये शुभे
रोमन लिपि
Om Śrī Tulasyai Namaḥ Vṛndāvanavāsinyai Namaḥ Namastulasi Kalyāṇi Namo Viṣṇupriye Śubhe
अर्थ
ओम, शुभ तुलसी को नमस्कार। वृंदावन में निवास करने वाली को नमस्कार। कल्याणकारी तुलसी को प्रणाम। विष्णु की प्रिया, सर्व-मंगलकारी को नमस्कार।
अंतिम अपडेट: 23 अप्रैल 2026 · पारंपरिक वैदिक मंत्र
तुलसी मंत्र के लाभ
- ·घर को शुद्ध करता है और सुरक्षात्मक आध्यात्मिक वातावरण बनाता है
- ·नकारात्मक ऊर्जाएँ, बुरी नजर और ग्रह दोषों को दूर करता है
- ·विष्णु को प्रिय — भक्ति को मजबूत करता है और घर में दिव्य कृपा लाता है
- ·औषधीय और उपचार गुण — तुलसी आयुर्वेद की सबसे पवित्र जड़ी-बूटी है
- ·घर और निवासियों के आध्यात्मिक पुण्य में वृद्धि होती है
- ·परिवारिक संबंधों में स्वास्थ्य, दीर्घायु और सामंजस्य को बढ़ावा देता है
जाप विधि
- 1.प्रातः पूर्व दिशा की ओर मुँह करके तुलसी के पौधे को जल देते समय जपें
- 2.प्रतिदिन तुलसी पूजा करें — संध्या के समय पौधे के सामने दीपक जलाएँ
- 3.जप करते हुए तुलसी के पौधे की 3 या 7 बार परिक्रमा करें
- 4.रविवार, एकादशी और ग्रहण के दौरान तुलसी पत्ते न तोड़ें
- 5.दोनों हाथों से जल अर्पित करें; सूर्यास्त के बाद पौधे को न छुएँ
- 6.तुलसी विवाह (कार्तिक शुक्ल एकादशी) पर विष्णु के साथ पूर्ण विधि से समारोह करें
जाप का सर्वोत्तम समय
पौधे को पानी देते समय सूर्योदय पर प्रातः। दीपक जलाने के लिए संध्या समय। एकादशी के दिन। कार्तिक माह (अक्टूबर–नवंबर) तुलसी के लिए सबसे पवित्र माह है।
अनुशंसित जाप संख्या
परिक्रमा करते हुए प्रतिदिन 108 बार। एकादशी पर 1008 बार।
सामान्य प्रश्न
प्र.हिंदू धर्म में तुलसी इतनी पवित्र क्यों है?
तुलसी (पवित्र तुलसी) को वृंदा की भूलोक अभिव्यक्ति माना जाता है — एक भक्त संत। वह विष्णु को सबसे प्रिय पौधा है — तुलसी के पत्तों के बिना कोई विष्णु पूजा पूर्ण नहीं होती। पद्म पुराण कहता है कि जिस घर में तुलसी उगती है वह तीर्थस्थान है।
प्र.क्या तुलसी का पौधा घर के अंदर रख सकते हैं?
परंपरागत रूप से तुलसी को बाहर तुलसी वृंदावन में, अधिमानतः आँगन के उत्तर-पूर्व या पूर्व में रखना चाहिए जहाँ धूप मिले। आधुनिक अपार्टमेंट में इसे बालकनी पर या पूर्वाभिमुख खिड़की के पास रख सकते हैं जहाँ 4–6 घंटे धूप मिले।