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बीज मंत्र · माँ महालक्ष्मी

लक्ष्मी मंत्र, ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः

Lakshmi Mantra

प्रकारबीज मंत्र
देवतामाँ महालक्ष्मी
अक्षर8

संस्कृत (देवनागरी)

ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः

रोमन लिपि

Om Śrīṃ Mahālakṣmyai Namaḥ

अर्थ

ॐ। मैं महालक्ष्मी जी को प्रणाम करता हूँ। "श्रीं" लक्ष्मी माँ का बीज अक्षर है, यह दिव्य ध्वनि उनकी कृपा, समृद्धि, सुंदरता और ऐश्वर्य का आह्वान करती है।

अंतिम अपडेट: 21 मई 2026 · पारंपरिक वैदिक मंत्र

लक्ष्मी मंत्र, ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः के लाभ

  • ·जीवन में धन, समृद्धि और भौतिक वैभव को आकर्षित करता है
  • ·आर्थिक बाधाएँ और कर्ज दूर होते हैं; स्थिर आय का प्रवाह बनता है
  • ·घर और संबंधों में सुंदरता, सद्भाव और सौम्यता आती है
  • ·कुंडली में शुक्र ग्रह मजबूत होता है, प्रेम, विलासिता और आराम बेहतर होता है
  • ·भाग्य की देवी को घर में स्थायी निवास का आमंत्रण देता है
  • ·जन्म कुंडली में दरिद्र योग के प्रभाव दूर होते हैं

जाप विधि

  1. 1.शुक्रवार (लक्ष्मी माँ का पवित्र दिन) सर्वोत्तम
  2. 2.लाल या पीले कपड़े पर बैठें, घी का दीपक जलाएँ, कमल के फूल और मिठाई चढ़ाएँ
  3. 3.उत्तर दिशा में मुँह करके जपें (कुबेर की दिशा)
  4. 4.स्फटिक या कमल गट्टे की माला रखें
  5. 5.दीपावली की रात निरंतर जाप से अधिकतम आशीर्वाद
  6. 6.सोने की रोशनी से घर भरने और हृदय में कमल खिलने की कल्पना करें

जाप का सर्वोत्तम समय

शुक्रवार प्रातः और सायं। दीपावली (लक्ष्मी पूजा की रात)। पूर्णिमा। प्रतिदिन शुक्र होरा के दौरान।

अनुशंसित जाप संख्या

प्रतिदिन 108 बार (1 माला)। दीपावली: 1008 बार। पुरश्चरण: 1 लाख 25 हजार जाप।

सामान्य प्रश्न

प्र.लक्ष्मी मंत्र का जाप कब नहीं करना चाहिए?

लक्ष्मी मंत्र का जाप किसी भी समय कर सकते हैं। परंतु अशुद्ध अवस्था में (बिना स्नान के) या क्रोध में जाप से बचें। गुरुवार को बृहस्पति की पूजा और शुक्रवार को लक्ष्मी माँ की पूजा मिलाकर करें।

प्र.लक्ष्मी मंत्र से कब तक फल मिलता है?

अधिकांश साधकों को 40 दिन के नित्य जाप में सूक्ष्म परिवर्तन दिखते हैं। 3 माह के समर्पित अभ्यास में आर्थिक अवसर, बेहतर आय या अप्रत्याशित लाभ शुरू होता है।

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