पौराणिक मंत्र · भगवान विष्णु
विष्णु मंत्र — ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
Vishnu Mantra
संस्कृत (देवनागरी)
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
रोमन लिपि
Om Namo Bhagavate Vasudevaya
अर्थ
ॐ। भगवान वासुदेव को नमस्कार — दिव्य प्रभु जो सभी प्राणियों में निवास करते हैं (वासुदेव = सर्वत्र निवास करने वाले)। यह 12 अक्षरों का द्वादशाक्षर मंत्र भगवान विष्णु का मुक्ति मंत्र है।
अंतिम अपडेट: 20 अप्रैल 2026 · पारंपरिक वैदिक मंत्र
विष्णु मंत्र — ॐ नमो भगवते वासुदेवाय के लाभ
- ·भगवान विष्णु की संरक्षण, सद्भाव और ब्रह्मांडीय व्यवस्था की ऊर्जा का आह्वान करता है
- ·कुंडली में बृहस्पति मजबूत होता है — विष्णु बृहस्पति के अधिष्ठाता देव हैं
- ·स्थायी समृद्धि, धर्म-सम्मत सफलता और दैवीय सुरक्षा मिलती है
- ·पितृ दोष और पितृ ऋण के प्रभाव दूर होते हैं
- ·गुरुवार (गुरुवार) अभ्यास के लिए आदर्श मंत्र
- ·मृत्यु के समय जपने पर मोक्ष मिलता है
जाप विधि
- 1.गुरुवार (गुरुवार) को जपें — बृहस्पति और विष्णु का दिन
- 2.विष्णु जी को तुलसी के पत्ते, पीले फूल और पीली मिठाई चढ़ाएँ
- 3.इस मंत्र के साथ विष्णु सहस्रनाम (विष्णु के 1000 नाम) पढ़ें
- 4.तुलसी माला — विष्णु जी को तुलसी अत्यंत प्रिय है
- 5.ईशान दिशा में घी का दीपक जलाएँ
- 6.एकादशी (11वीं तिथि) विष्णु पूजा का सबसे पवित्र दिन है — 1008 जाप
जाप का सर्वोत्तम समय
गुरुवार सूर्योदय पर। एकादशी (दोनों पक्ष)। वैकुंठ एकादशी (सर्वाधिक शुभ)। कार्तिक मास।
अनुशंसित जाप संख्या
प्रतिदिन 108 बार। एकादशी: 1008 बार। पुरश्चरण: 1,25,000 जाप।
सामान्य प्रश्न
प्र.विष्णु मंत्र और राम मंत्र में क्या अंतर है?
विष्णु मंत्र (ॐ नमो भगवते वासुदेवाय) सार्वभौमिक रूप में विष्णु को संबोधित करता है। राम मंत्र विष्णु के 7वें अवतार को और कृष्ण मंत्र 8वें अवतार को। तीनों एक ही स्रोत तक पहुँचते हैं।
प्र.एकादशी पर विष्णु मंत्र क्यों जपें?
एकादशी विष्णु पूजा का सबसे पवित्र दिन है। इस दिन विष्णु जी का द्वार (वैकुंठ) खुला रहता है। एकादशी व्रत के साथ 1008 बार जाप से अधिकतम फल मिलता है।