तांत्रिक मंत्र · भगवान श्री कृष्ण
कृष्ण मंत्र, ॐ क्लीं कृष्णाय नमः
Krishna Mantra
प्रकारतांत्रिक मंत्र
देवताभगवान श्री कृष्ण
अक्षर7
संस्कृत (देवनागरी)
ॐ क्लीं कृष्णाय नमः
रोमन लिपि
Om Kleem Krishnaya Namah
अर्थ
ॐ। कृष्ण को नमस्कार। "क्लीं" कामबीज है, आकर्षण और इच्छा का बीज। कृष्ण के नाम के साथ यह दिव्य आकर्षण, प्रेम और आनंद को आमंत्रित करता है।
अंतिम अपडेट: 13 जून 2026 · पारंपरिक वैदिक मंत्र
कृष्ण मंत्र, ॐ क्लीं कृष्णाय नमः के लाभ
- ·दिव्य प्रेम, आनंद और समृद्धि आकर्षित होती है, कृष्ण आनंद के देव हैं
- ·सभी संबंध सुधरते हैं, रोमांटिक, पारिवारिक और सामाजिक
- ·प्रेम और विवाह में बाधाएँ दूर होती हैं
- ·कलात्मक प्रतिभा, संगीत क्षमता और रचनात्मक अभिव्यक्ति मिलती है
- ·आध्यात्मिक आनंद और दैनिक जीवन में दिव्य लीला का अनुभव
- ·कुंडली में शुक्र और चंद्र मजबूत होते हैं
जाप विधि
- 1.कृष्ण के लिए बुधवार और गुरुवार सबसे शुभ
- 2.जन्माष्टमी (कृष्ण जन्मदिन) वर्ष का सबसे शक्तिशाली दिन है
- 3.कृष्ण को मक्खन, दूध की मिठाई, तुलसी और पीले फूल अर्पित करें
- 4.तुलसी माला, तुलसी कृष्ण/विष्णु को पवित्र है
- 5.गहरी समाधि के लिए कृष्ण भजन सुनते हुए जपें
- 6.कृष्ण का ध्यान करें: नीला वर्ण, मोर पंख, पीत वस्त्र
जाप का सर्वोत्तम समय
बुधवार और गुरुवार प्रातः। जन्माष्टमी आधी रात। एकादशी। ब्रह्म मुहूर्त।
अनुशंसित जाप संख्या
प्रतिदिन 108 बार। जन्माष्टमी: आधी रात से भोर तक 1008 बार। पुरश्चरण: 1,25,000 जाप।
सामान्य प्रश्न
प्र.कृष्ण मंत्र से प्रेम में सफलता मिलती है?
हाँ। क्लीं बीज के साथ कृष्ण मंत्र प्रेम आकर्षित करने के पारंपरिक मंत्रों में से एक है। यह साधक को अधिक आकर्षक और प्रेमपूर्ण बनाता है।
प्र.जन्माष्टमी पर कृष्ण मंत्र जपने का महत्व क्या है?
जन्माष्टमी कृष्ण का जन्मदिन है। आधी रात को, जब कृष्ण का जन्म हुआ, 1008 बार जाप से वर्षभर की कृपा मिलती है और इच्छाएँ पूरी होती हैं।