पूर्णिमा त्योहार — हिंदू पवित्र उत्सव
श्रावण पूर्णिमा (रक्षाबंधन पूर्णिमा)
संक्षिप्त परिचय
श्रावण पूर्णिमा — पवित्र श्रावण माह की पूर्णिमा — हिंदू कैलेंडर की सबसे शुभ पूर्णिमाओं में से एक है और रक्षाबंधन से परे कई एक साथ अनुष्ठान रखती है। यह नारली पूर्णिमा (नारियल पूर्णिमा) भी है जब तटीय महाराष्ट्र और गोवा के मछुआरे समुद्र देव वरुण को नारियल अर्पित करते हैं। इसके अतिरिक्त यह अवनि अवित्तम (उपाकर्म) है — ब्राह्मणों का पवित्र धागा समारोह का दिन। यह हयग्रीव जयंती और बलभद्र (बलराम) जयंती भी है।
अंतिम अपडेट: 23 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा
महत्व
श्रावण पूर्णिमा कई पवित्र परंपराओं का संगम है — भाई-बहन का बंधन (रक्षाबंधन), वैदिक प्रतिज्ञाओं का नवीनीकरण (उपाकर्म), समुद्री कृतज्ञता (नारली पूर्णिमा) और दिव्य ज्ञान के अवतार (हयग्रीव जयंती)। श्रावण की पूर्णिमा सभी सुरक्षात्मक और नवीकरण अनुष्ठानों के लिए विशेष रूप से शक्तिशाली मानी जाती है।
अनुष्ठान और परंपराएं
रक्षाबंधन: बहन भाई की कलाई पर राखी बाँधती है। नारली पूर्णिमा (तटीय महाराष्ट्र/गोवा): मछुआरे सजाए नारियल समुद्र को अर्पित करते हैं। उपाकर्म: ब्राह्मण पुरुष अनुष्ठान स्नान करते हैं, यज्ञोपवीत (जनेऊ) बदलते हैं और वैदिक संकल्प (कामोकार्षीत् मंत्र) दोहराते हैं। विद्यार्थियों और विद्वानों के लिए हयग्रीव पूजा।
पारंपरिक व्यंजन
सामान्य प्रश्न
प्र.श्रावण पूर्णिमा (रक्षाबंधन पूर्णिमा) क्या है?
श्रावण पूर्णिमा — पवित्र श्रावण माह की पूर्णिमा — हिंदू कैलेंडर की सबसे शुभ पूर्णिमाओं में से एक है और रक्षाबंधन से परे कई एक साथ अनुष्ठान रखती है। यह नारली पूर्णिमा (नारियल पूर्णिमा) भी है जब तटीय महाराष्ट्र और गोवा के मछुआरे समुद्र देव वरुण को नारि...
प्र.श्रावण पूर्णिमा (रक्षाबंधन पूर्णिमा) का क्या महत्व है?
श्रावण पूर्णिमा कई पवित्र परंपराओं का संगम है — भाई-बहन का बंधन (रक्षाबंधन), वैदिक प्रतिज्ञाओं का नवीनीकरण (उपाकर्म), समुद्री कृतज्ञता (नारली पूर्णिमा) और दिव्य ज्ञान के अवतार (हयग्रीव जयंती)। श्रावण की पूर्णिमा सभी सुरक्षात्मक और नवीकरण अनुष्ठानों के लिए विशेष रूप से शक्तिशाली मानी जाती है।
प्र.श्रावण पूर्णिमा (रक्षाबंधन पूर्णिमा) के अनुष्ठान क्या हैं?
रक्षाबंधन: बहन भाई की कलाई पर राखी बाँधती है। नारली पूर्णिमा (तटीय महाराष्ट्र/गोवा): मछुआरे सजाए नारियल समुद्र को अर्पित करते हैं। उपाकर्म: ब्राह्मण पुरुष अनुष्ठान स्नान करते हैं, यज्ञोपवीत (जनेऊ) बदलते हैं और वैदिक संकल्प (कामोकार्षीत् मंत्र) दोहराते हैं। विद्यार्थियों और विद्वानों के लिए हयग्रीव पूजा।
प्र.श्रावण पूर्णिमा (रक्षाबंधन पूर्णिमा) में कौन से व्यंजन बनते हैं?
नारियल की मिठाइयाँ, नारली भात (नारियल चावल), खीर, सेवइयाँ, मोदक