पूर्णिमा त्योहार — हिंदू पवित्र उत्सव
गुरु पूर्णिमा
संक्षिप्त परिचय
गुरु पूर्णिमा आषाढ़ मास की पूर्णिमा को मनाई जाती है और अपने आध्यात्मिक और शैक्षणिक गुरुओं का सम्मान करने को समर्पित है। यह दिन वेद व्यास — ऋषि जिन्होंने वेदों का संकलन किया और महाभारत तथा पुराण लिखे — का जन्मदिन भी है।
अंतिम अपडेट: 19 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा
महत्व
अपने गुरु का सम्मान करने का सबसे पवित्र दिन। योगिक परंपरा में, यह वह दिन है जब शिव आदि गुरु (प्रथम शिक्षक) बने और सप्तऋषियों को योग का ज्ञान दिया।
अनुष्ठान और परंपराएं
गुरु से मिलें और उनकी पूजा करें। फूल, फल और दक्षिणा अर्पित करें। व्यास पूजा करें। गुरु स्तोत्र पढ़ें। उपवास (कुछ भक्त)। सत्संग या आध्यात्मिक प्रवचन में भाग लें।
पारंपरिक व्यंजन
सामान्य प्रश्न
प्र.गुरु पूर्णिमा क्या है?
गुरु पूर्णिमा आषाढ़ मास की पूर्णिमा को मनाई जाती है और अपने आध्यात्मिक और शैक्षणिक गुरुओं का सम्मान करने को समर्पित है। यह दिन वेद व्यास — ऋषि जिन्होंने वेदों का संकलन किया और महाभारत तथा पुराण लिखे — का जन्मदिन भी है।
प्र.गुरु पूर्णिमा का क्या महत्व है?
अपने गुरु का सम्मान करने का सबसे पवित्र दिन। योगिक परंपरा में, यह वह दिन है जब शिव आदि गुरु (प्रथम शिक्षक) बने और सप्तऋषियों को योग का ज्ञान दिया।
प्र.गुरु पूर्णिमा के अनुष्ठान क्या हैं?
गुरु से मिलें और उनकी पूजा करें। फूल, फल और दक्षिणा अर्पित करें। व्यास पूजा करें। गुरु स्तोत्र पढ़ें। उपवास (कुछ भक्त)। सत्संग या आध्यात्मिक प्रवचन में भाग लें।
प्र.गुरु पूर्णिमा में कौन से व्यंजन बनते हैं?
गुरु को चढ़ाया प्रसाद, सरल सात्विक भोजन