क्षेत्रीय त्योहार — हिंदू पवित्र उत्सव
नर्मदा जयंती
संक्षिप्त परिचय
नर्मदा जयंती पवित्र नर्मदा नदी की जन्म वर्षगांठ है — जिन्हें भगवान शिव की पुत्री और भारत की सबसे पवित्र नदियों में से एक माना जाता है। पौराणिक कथा के अनुसार, नर्मदा का जन्म शिव के पसीने से हुआ था जब वे तपस्या कर रहे थे। वे भारतीय नदियों में अद्वितीय हैं क्योंकि केवल स्नान के बजाय उनकी परिक्रमा (नर्मदा परिक्रमा) की जाती है। इस दिन अमरकंटक से भड़ूच तक नर्मदा तट पर भक्तों की भीड़ उमड़ती है।
अंतिम अपडेट: 23 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा
महत्व
नर्मदा दर्शन मात्र से ही पवित्र कर देती हैं — अन्य पवित्र नदियों के विपरीत जो स्नान से शुद्ध करती हैं। संपूर्ण नर्मदा परिक्रमा (2,600 किमी की यात्रा) हिंदू धर्म की सबसे कठिन और पुण्यदायी तीर्थयात्राओं में से एक है। जयंती पर नर्मदा देवी की पूजा से स्वास्थ्य, दीर्घायु और पाप-मुक्ति मिलती है।
अनुष्ठान और परंपराएं
सूर्योदय पर नर्मदा में पवित्र स्नान करें। नदी को फूल, कुमकुम और हल्दी अर्पित करें। घाटों पर नर्मदा आरती करें। नर्मदाष्टक (आठ-छंद स्तोत्र) का पाठ करें। संभव हो तो नर्मदा परिक्रमा का एक भाग करें। ब्राह्मणों और गरीबों को भोजन कराएं। संध्या को नदी तट पर दीपक जलाएं।
पारंपरिक व्यंजन
सामान्य प्रश्न
प्र.नर्मदा जयंती क्या है?
नर्मदा जयंती पवित्र नर्मदा नदी की जन्म वर्षगांठ है — जिन्हें भगवान शिव की पुत्री और भारत की सबसे पवित्र नदियों में से एक माना जाता है। पौराणिक कथा के अनुसार, नर्मदा का जन्म शिव के पसीने से हुआ था जब वे तपस्या कर रहे थे। वे भारतीय नदियों में अद्वितीय ...
प्र.नर्मदा जयंती का क्या महत्व है?
नर्मदा दर्शन मात्र से ही पवित्र कर देती हैं — अन्य पवित्र नदियों के विपरीत जो स्नान से शुद्ध करती हैं। संपूर्ण नर्मदा परिक्रमा (2,600 किमी की यात्रा) हिंदू धर्म की सबसे कठिन और पुण्यदायी तीर्थयात्राओं में से एक है। जयंती पर नर्मदा देवी की पूजा से स्वास्थ्य, दीर्घायु और पाप-मुक्ति मिलती है।
प्र.नर्मदा जयंती के अनुष्ठान क्या हैं?
सूर्योदय पर नर्मदा में पवित्र स्नान करें। नदी को फूल, कुमकुम और हल्दी अर्पित करें। घाटों पर नर्मदा आरती करें। नर्मदाष्टक (आठ-छंद स्तोत्र) का पाठ करें। संभव हो तो नर्मदा परिक्रमा का एक भाग करें। ब्राह्मणों और गरीबों को भोजन कराएं। संध्या को नदी तट पर दीपक जलाएं।
प्र.नर्मदा जयंती में कौन से व्यंजन बनते हैं?
खिचड़ी, सात्विक प्रसाद, तिल लड्डू, फल, पंचामृत