क्षेत्रीय त्योहार — हिंदू पवित्र उत्सव
थाईपुसम
संक्षिप्त परिचय
थाईपुसम एक तमिल हिंदू त्योहार है जो तमिल महीने थाई की पूर्णिमा पर भगवान मुरुगन की राक्षस सूरपद्मन पर विजय के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। भक्त भक्ति और तपस्या के रूप में कावड़ी — सजावटी ढांचे — लेकर पवित्र यात्रा करते हैं। यह त्योहार तमिलनाडु, श्रीलंका, मलेशिया और सिंगापुर में विशेष रूप से भव्य होता है।
अंतिम अपडेट: 24 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा
महत्व
भगवान मुरुगन की दिव्य शक्ति और कृपा का उत्सव, मन्नतें पूरी करना और भक्ति तथा तपस्या के माध्यम से आध्यात्मिक शुद्धि। थाईपुसम बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है।
अनुष्ठान और परंपराएं
त्योहार से पहले 1-2 महीने उपवास और शुद्धि। जुलूस में कावड़ी (दूध का बर्तन या वेल कावड़ी) ले जाना। पहाड़ी मुरुगन मंदिरों तक नंगे पांव तीर्थयात्रा। भक्त कावड़ी वाहकों द्वारा गालों और जीभ में वेल (भाला) चुभाना। दूध, नारियल और फूल चढ़ाना। मुरुगन प्रार्थनाएं और तमिल भक्ति गीत।
पारंपरिक व्यंजन
सामान्य प्रश्न
प्र.थाईपुसम क्या है?
थाईपुसम एक तमिल हिंदू त्योहार है जो तमिल महीने थाई की पूर्णिमा पर भगवान मुरुगन की राक्षस सूरपद्मन पर विजय के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। भक्त भक्ति और तपस्या के रूप में कावड़ी — सजावटी ढांचे — लेकर पवित्र यात्रा करते हैं। यह त्योहार तमिलनाडु, श्रीलंक...
प्र.थाईपुसम का क्या महत्व है?
भगवान मुरुगन की दिव्य शक्ति और कृपा का उत्सव, मन्नतें पूरी करना और भक्ति तथा तपस्या के माध्यम से आध्यात्मिक शुद्धि। थाईपुसम बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है।
प्र.थाईपुसम के अनुष्ठान क्या हैं?
त्योहार से पहले 1-2 महीने उपवास और शुद्धि। जुलूस में कावड़ी (दूध का बर्तन या वेल कावड़ी) ले जाना। पहाड़ी मुरुगन मंदिरों तक नंगे पांव तीर्थयात्रा। भक्त कावड़ी वाहकों द्वारा गालों और जीभ में वेल (भाला) चुभाना। दूध, नारियल और फूल चढ़ाना। मुरुगन प्रार्थनाएं और तमिल भक्ति गीत।
प्र.थाईपुसम में कौन से व्यंजन बनते हैं?
पाल कुडम (दूध का बर्तन), पंचामृतम, पोंगल, कोझुकट्टई, अप्पम, इडली