क्षेत्रीय त्योहार — हिंदू पवित्र उत्सव
मैसूर दशहरा
संक्षिप्त परिचय
मैसूर दशहरा भारत के सबसे शानदार उत्सवों में से एक है, जिसे कर्नाटक का राजकीय उत्सव घोषित किया गया है। विजयदशमी पर समाप्त होने वाले दस दिनों तक मनाया जाने वाला यह उत्सव असुर महिषासुर पर देवी चामुंडेश्वरी (दुर्गा) की विजय का सम्मान करता है। मुख्य आकर्षण विजयदशमी पर भव्य जंबू सवारी जुलूस है, जिसमें चामुंडेश्वरी की सोने की मूर्ति को शानदार सजे हाथी पर रखकर मैसूर की सड़कों पर निकाला जाता है।
अंतिम अपडेट: 23 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा
महत्व
मैसूर दशहरा चामुंडेश्वरी देवी द्वारा महिषासुर के वध की स्मृति में है, जो बुराई पर अच्छाई की शाश्वत विजय का प्रतीक है। इसका विशेष राजकीय महत्व है क्योंकि यह मैसूर के वाडियार राजाओं का सबसे महत्वपूर्ण उत्सव था। चामुंडी पहाड़ी पर चामुंडेश्वरी की पूजा से शत्रुओं से मुक्ति, विपरीत परिस्थितियों में साहस और दैवीय संरक्षण मिलता है।
अनुष्ठान और परंपराएं
विशेष नवरात्रि पूजाओं के लिए चामुंडी पहाड़ी पर चामुंडेश्वरी मंदिर जाएं। मैसूर पैलेस में राजकीय दरबार में भाग लें। विजयदशमी पर जंबू सवारी हाथी जुलूस देखें। 1,00,000 बल्बों से जगमगाते मैसूर पैलेस का दृश्य देखें। रात में मशाल जुलूस (टॉर्चलाइट परेड) का आनंद लें। दस दिनों तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों, प्रदर्शनियों और खेल आयोजनों में भाग लें। आयुध पूजा करें।
पारंपरिक व्यंजन
सामान्य प्रश्न
प्र.मैसूर दशहरा क्या है?
मैसूर दशहरा भारत के सबसे शानदार उत्सवों में से एक है, जिसे कर्नाटक का राजकीय उत्सव घोषित किया गया है। विजयदशमी पर समाप्त होने वाले दस दिनों तक मनाया जाने वाला यह उत्सव असुर महिषासुर पर देवी चामुंडेश्वरी (दुर्गा) की विजय का सम्मान करता है। मुख्य आकर्ष...
प्र.मैसूर दशहरा का क्या महत्व है?
मैसूर दशहरा चामुंडेश्वरी देवी द्वारा महिषासुर के वध की स्मृति में है, जो बुराई पर अच्छाई की शाश्वत विजय का प्रतीक है। इसका विशेष राजकीय महत्व है क्योंकि यह मैसूर के वाडियार राजाओं का सबसे महत्वपूर्ण उत्सव था। चामुंडी पहाड़ी पर चामुंडेश्वरी की पूजा से शत्रुओं से मुक्ति, विपरीत परिस्थितियों में साहस और दैवीय संरक्षण मिलता है।
प्र.मैसूर दशहरा के अनुष्ठान क्या हैं?
विशेष नवरात्रि पूजाओं के लिए चामुंडी पहाड़ी पर चामुंडेश्वरी मंदिर जाएं। मैसूर पैलेस में राजकीय दरबार में भाग लें। विजयदशमी पर जंबू सवारी हाथी जुलूस देखें। 1,00,000 बल्बों से जगमगाते मैसूर पैलेस का दृश्य देखें। रात में मशाल जुलूस (टॉर्चलाइट परेड) का आनंद लें। दस दिनों तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों, प्रदर्शनियों और खेल आयोजनों में भाग लें। आयुध पूजा करें।
प्र.मैसूर दशहरा में कौन से व्यंजन बनते हैं?
मैसूर पाक, ओब्बट्टु (होलिगे), पुलियोगरे, केसरी बाथ, चित्रान्ना, मैसूर मसाला डोसा, नारियल लड्डू