ग्रह युति · कर्क · Karka · वैदिक ज्योतिष
कर्क राशि में मंगल-शुक्र युति, भावनात्मक कामुकता
संक्षिप्त उत्तर
कर्क में मंगल-शुक्र युति नीच मंगल को चंद्रमा की संवेदनशील जल राशि में शुक्र के साथ जोड़ती है, भावनात्मक कामुकता, ईर्ष्या।
अंतिम अपडेट: 30 अप्रैल 2026 · स्रोत: बृहत्पाराशर होरा शास्त्र · फलदीपिका
कर्क में मंगल-शुक्र युति एक जटिल संयोजन है जहां मंगल अपनी नीच राशि में बैठता है। मंगल यहां अपनी दिशात्मक शक्ति खो देता है।
भावनात्मक कामुकता
कर्क मंगल-शुक्र गहरी भावना वाले प्रेमी उत्पन्न करता है।
ईर्ष्या और अधिकार-भाव
कर्क की पानी जैसी चिपकन नीच मंगल के साथ अधिकार-भाव वाले प्रेम को उत्पन्न करती है।
परिवार-रोमांस संघर्ष
कर्क घर और मां पर शासन करता है। यहां मंगल-शुक्र अक्सर पारिवारिक अपेक्षाओं और रोमांटिक पसंद के बीच तनाव पैदा करता है।
कर्क में प्रभाव
- 1.गहरी भावनात्मक कामुकता।
- 2.ईर्ष्या और अधिकार-भाव की प्रबल प्रवृत्ति।
- 3.पारिवारिक अपेक्षाओं और रोमांटिक पसंद के बीच संघर्ष।
- 4.पोषण कलाओं के लिए प्रतिभा।
- 5.मूड-संचालित यौन जीवन।
उपाय
- ✦मंगलवार को दुर्गा की पूजा करें।
- ✦शाम को चंद्रमा को अर्घ्य दें।
- ✦प्राणायाम के माध्यम से भावनात्मक नियमन का अभ्यास करें।
- ✦मंगलवार को लाल मसूर और दूध का दान करें।
सामान्य प्रश्न
प्र.इस युति में नीच मंगल कितना गंभीर है?
महत्वपूर्ण लेकिन विनाशकारी नहीं। शुक्र के साथ युति मंगल की नीच प्रभावों को कुछ नरम करती है।
प्र.रोमांस में पारिवारिक संघर्ष क्यों?
कर्क घर और मां पर शासन करता है, इसलिए रोमांटिक जीवन सीधे परिवार से जुड़ा है।