माँ सीता · भक्ति स्तोत्र
सीता चालीसा
Sita Chalisa
सीता चालीसा पवित्रता, भक्ति और पत्नी-धर्म की मूर्ति माँ सीता की स्तुति है। राजा जनक की पुत्री और भगवान राम की पत्नी, वे धैर्य, साहस और अटल भक्ति का आदर्श हैं। पाठ से वैवाहिक सुख, महिलाओं की सुरक्षा और पारिवारिक आनंद का आशीर्वाद मिलता है।
अंतिम अपडेट: 24 अप्रैल 2026 · पारंपरिक वैदिक भक्ति ग्रंथ
सीता चालीसा के लाभ
- ·वैवाहिक आनंद और विवाह में दृढ़ता
- ·महिलाओं और पुत्रियों के लिए सुरक्षा और आशीर्वाद
- ·कठिनाइयों को सहनशीलता और साहस से पार करना
- ·पारिवारिक सुख, शांतिपूर्ण घर और पारिवारिक सामंजस्य
- ·विवाह की संभावनाओं और उचित जीवनसाथी के लिए आशीर्वाद
- ·भक्तिपूर्ण पाठ से मन और हृदय की शुद्धि
पाठ का सर्वोत्तम समय
रामनवमी, सीता नवमी (वैशाख शुक्ल नवमी) और शुक्रवार। विवाह की तैयारियों के दौरान और सुरक्षा चाहने वाली महिलाओं के लिए।
सीता चालीसा — संपूर्ण पाठ
॥ सीता चालीसा ॥
दोहा
जय सीता की जय, करो कृपा हे देव। भक्त जनों की सुनो सदा, यही है विनती सेव॥
सामान्य प्रश्न
प्र.सीता चालीसा के क्या लाभ हैं?
वैवाहिक आनंद और विवाह में दृढ़ता महिलाओं और पुत्रियों के लिए सुरक्षा और आशीर्वाद कठिनाइयों को सहनशीलता और साहस से पार करना पारिवारिक सुख, शांतिपूर्ण घर और पारिवारिक सामंजस्य विवाह की संभावनाओं और उचित जीवनसाथी के लिए आशीर्वाद भक्तिपूर्ण पाठ से मन और हृदय की शुद्धि
प्र.सीता चालीसा पाठ का सबसे अच्छा समय कब है?
रामनवमी, सीता नवमी (वैशाख शुक्ल नवमी) और शुक्रवार। विवाह की तैयारियों के दौरान और सुरक्षा चाहने वाली महिलाओं के लिए।