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खंड १ · अंक १ · स्था. MMXXVIशुक्रवार, 24 अप्रैल 2026मुफ्त · वैदिक · सटीक
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वैदिक ज्योतिष एवं ज्योतिष गणना

भगवान शुक्र देव · भक्ति स्तोत्र

शुक्र चालीसा

Shukra Chalisa

देवताभगवान शुक्र देव
श्लोक40 चौपाइयाँ
भाषाहिंदी (देवनागरी)

शुक्र चालीसा प्रेम, सौंदर्य, कला और विलासिता के ग्रह भगवान शुक्र देव की भक्ति स्तुति है। यह जन्मकुंडली में शुक्र को बलवान करती है, वैवाहिक सुख, कलात्मक सफलता, आर्थिक समृद्धि और शारीरिक आकर्षण देती है।

अंतिम अपडेट: 24 अप्रैल 2026 · पारंपरिक वैदिक भक्ति ग्रंथ

शुक्र चालीसा के लाभ

  • ·वैवाहिक सुख और रोमांटिक संबंधों में सामंजस्य
  • ·कलात्मक प्रतिभा, रचनात्मकता और सौंदर्यबोध
  • ·आर्थिक समृद्धि और जीवन के सुखों का आनंद
  • ·शारीरिक सौंदर्य, आकर्षण और व्यक्तिगत चुंबकत्व
  • ·फैशन, कला, संगीत और मनोरंजन उद्योगों में सफलता
  • ·विवाह को प्रभावित करने वाले शुक्र दोषों से राहत

पाठ का सर्वोत्तम समय

शुक्रवार, विशेष रूप से सूर्योदय के समय। शुक्र महादशा और अंतर्दशा में। विवाह समारोह और कलात्मक प्रदर्शनों से पहले।

शुक्र चालीसा — संपूर्ण पाठ

॥ शुक्र चालीसा ॥

दोहा

जय शुक्र देव की जय, करो कृपा हे देव। भक्त जनों की सुनो सदा, यही है विनती सेव॥

सामान्य प्रश्न

प्र.शुक्र चालीसा के क्या लाभ हैं?

वैवाहिक सुख और रोमांटिक संबंधों में सामंजस्य कलात्मक प्रतिभा, रचनात्मकता और सौंदर्यबोध आर्थिक समृद्धि और जीवन के सुखों का आनंद शारीरिक सौंदर्य, आकर्षण और व्यक्तिगत चुंबकत्व फैशन, कला, संगीत और मनोरंजन उद्योगों में सफलता विवाह को प्रभावित करने वाले शुक्र दोषों से राहत

प्र.शुक्र चालीसा पाठ का सबसे अच्छा समय कब है?

शुक्रवार, विशेष रूप से सूर्योदय के समय। शुक्र महादशा और अंतर्दशा में। विवाह समारोह और कलात्मक प्रदर्शनों से पहले।

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