माँ संतोषी · भक्ति स्तोत्र
संतोषी माता चालीसा
Santoshi Mata Chalisa
देवतामाँ संतोषी
श्लोक40 चौपाइयाँ
भाषाहिंदी (देवनागरी)
संतोषी माता चालीसा संतोष और तृप्ति की देवी माँ संतोषी को समर्पित है। शुक्रवार के व्रत के साथ पाठ से मनोकामनाएं पूरी होती हैं, पारिवारिक कलह दूर होती है और जीवन के सभी क्षेत्रों में शांति व संतोष मिलता है।
अंतिम अपडेट: 13 जून 2026 · पारंपरिक वैदिक भक्ति ग्रंथ
संतोषी माता चालीसा के लाभ
- ·सच्ची मनोकामनाओं और इच्छाओं की पूर्ति
- ·पारिवारिक कलह का समाधान और घरेलू शांति
- ·जीवन में संतोष और आंतरिक तृप्ति
- ·आर्थिक चिंताओं और घबराहट से राहत
पाठ का सर्वोत्तम समय
शुक्रवार, विशेष रूप से 16 शुक्रवार के संतोषी माता व्रत के दौरान। स्नान के बाद, खाने से पहले सुबह।
संतोषी माता चालीसा, संपूर्ण पाठ
॥ संतोषी माता चालीसा ॥
दोहा
जय संतोषी की जय, करो कृपा हे देव। भक्त जनों की सुनो सदा, यही है विनती सेव॥
सामान्य प्रश्न
प्र.संतोषी माता चालीसा के क्या लाभ हैं?
सच्ची मनोकामनाओं और इच्छाओं की पूर्ति पारिवारिक कलह का समाधान और घरेलू शांति जीवन में संतोष और आंतरिक तृप्ति आर्थिक चिंताओं और घबराहट से राहत
प्र.संतोषी माता चालीसा पाठ का सबसे अच्छा समय कब है?
शुक्रवार, विशेष रूप से 16 शुक्रवार के संतोषी माता व्रत के दौरान। स्नान के बाद, खाने से पहले सुबह।