भगवान राहु देव · भक्ति स्तोत्र
राहु चालीसा
Rahu Chalisa
राहु चालीसा छाया ग्रह और चंद्रमा के उत्तर नोड भगवान राहु देव की प्रार्थना है। राहु महत्वाकांक्षा, अचानक लाभ, विदेशी संबंध और अपरंपरागत मार्गों को नियंत्रित करते हैं। यह चालीसा राहु दोष, राहु काल, काल सर्प दोष और अचानक उथल-पुथल के काल को शांत करती है।
अंतिम अपडेट: 23 अप्रैल 2026 · पारंपरिक वैदिक भक्ति ग्रंथ
राहु चालीसा के लाभ
- ·राहु काल और काल सर्प दोष की शांति
- ·विदेश यात्रा, प्रवासन और अंतर्राष्ट्रीय उपक्रमों में सफलता
- ·अपरंपरागत विचारों को अचानक सफलता में बदलना
- ·धोखे, माया और छुपे शत्रुओं से सुरक्षा
- ·राहु से संबंधित मानसिक भ्रम और जुनून से राहत
- ·नवाचार और तीव्र सफलता के लिए राहु की ऊर्जा का उपयोग
पाठ का सर्वोत्तम समय
शनिवार और सप्ताह के दिनों में राहु काल के दौरान। काल सर्प दोष निवारण अवधि में। नाग पंचमी पर अतिरिक्त लाभ।
राहु चालीसा — संपूर्ण पाठ
॥ राहु चालीसा ॥
दोहा
जय राहु देव की जय, करो कृपा हे देव। भक्त जनों की सुनो सदा, यही है विनती सेव॥
सामान्य प्रश्न
प्र.राहु चालीसा के क्या लाभ हैं?
राहु काल और काल सर्प दोष की शांति विदेश यात्रा, प्रवासन और अंतर्राष्ट्रीय उपक्रमों में सफलता अपरंपरागत विचारों को अचानक सफलता में बदलना धोखे, माया और छुपे शत्रुओं से सुरक्षा राहु से संबंधित मानसिक भ्रम और जुनून से राहत नवाचार और तीव्र सफलता के लिए राहु की ऊर्जा का उपयोग
प्र.राहु चालीसा पाठ का सबसे अच्छा समय कब है?
शनिवार और सप्ताह के दिनों में राहु काल के दौरान। काल सर्प दोष निवारण अवधि में। नाग पंचमी पर अतिरिक्त लाभ।