नव दुर्गा (नौ रूप) · भक्ति स्तोत्र
नवदुर्गा चालीसा
Navdurga Chalisa
नवदुर्गा चालीसा देवी दुर्गा के नौ रूपों — शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री — की स्तुति करती है। नवरात्रि में पाठ से संपूर्ण दैवीय स्त्री शक्ति का आह्वान होता है।
अंतिम अपडेट: 20 अप्रैल 2026 · पारंपरिक वैदिक भक्ति ग्रंथ
नवदुर्गा चालीसा के लाभ
- ·सभी प्रकार की बुराई से संपूर्ण सुरक्षा
- ·जीवन के सभी नौ क्षेत्रों में एक साथ सफलता
- ·दैवीय स्त्री ऊर्जा और आंतरिक शक्ति
- ·एक प्रार्थना में सभी नौ देवियों का आशीर्वाद
पाठ का सर्वोत्तम समय
नवरात्रि (चैत्र और शारदीय) के दौरान, विशेष रूप से अष्टमी और नवमी को। नौ दिवसीय उत्सव में प्रतिदिन।
नवदुर्गा चालीसा — संपूर्ण पाठ
॥ नवदुर्गा चालीसा ॥
दोहा
जय नव दुर्गा (नौ रूप) की जय, करो कृपा हे देव। भक्त जनों की सुनो सदा, यही है विनती सेव॥
सामान्य प्रश्न
प्र.नवदुर्गा चालीसा के क्या लाभ हैं?
सभी प्रकार की बुराई से संपूर्ण सुरक्षा जीवन के सभी नौ क्षेत्रों में एक साथ सफलता दैवीय स्त्री ऊर्जा और आंतरिक शक्ति एक प्रार्थना में सभी नौ देवियों का आशीर्वाद
प्र.नवदुर्गा चालीसा पाठ का सबसे अच्छा समय कब है?
नवरात्रि (चैत्र और शारदीय) के दौरान, विशेष रूप से अष्टमी और नवमी को। नौ दिवसीय उत्सव में प्रतिदिन।