भगवान मंगल · भक्ति स्तोत्र
मंगल चालीसा
Mangal Chalisa
देवताभगवान मंगल
श्लोक40 चौपाइयाँ
भाषाहिंदी (देवनागरी)
मंगल चालीसा ऊर्जा, साहस और युद्ध के ग्रह भगवान मंगल को समर्पित भक्ति स्तोत्र है। यह मंगल दोष (मांगलिक) को शांत करती है, क्रोध और आक्रामकता को दूर करती है और प्रतिस्पर्धी प्रयासों में वीरता व सफलता देती है।
अंतिम अपडेट: 13 जून 2026 · पारंपरिक वैदिक भक्ति ग्रंथ
मंगल चालीसा के लाभ
- ·वैवाहिक सुख के लिए मंगल दोष शांति
- ·साहस, दृढ़ता और प्रतिस्पर्धी सफलता
- ·क्रोध और आक्रामक प्रवृत्तियों पर नियंत्रण
- ·कानूनी विवादों और संघर्षों में विजय
पाठ का सर्वोत्तम समय
मंगलवार की सुबह। मंगला गौरी व्रत और अंगारकी चतुर्थी पर विशेष।
मंगल चालीसा, संपूर्ण पाठ
॥ मंगल चालीसा ॥
दोहा
जय मंगल की जय, करो कृपा हे देव। भक्त जनों की सुनो सदा, यही है विनती सेव॥
सामान्य प्रश्न
प्र.मंगल चालीसा के क्या लाभ हैं?
वैवाहिक सुख के लिए मंगल दोष शांति साहस, दृढ़ता और प्रतिस्पर्धी सफलता क्रोध और आक्रामक प्रवृत्तियों पर नियंत्रण कानूनी विवादों और संघर्षों में विजय
प्र.मंगल चालीसा पाठ का सबसे अच्छा समय कब है?
मंगलवार की सुबह। मंगला गौरी व्रत और अंगारकी चतुर्थी पर विशेष।