माँ चामुंडा · भक्ति स्तोत्र
चामुंडा चालीसा
Chamunda Chalisa
चामुंडा चालीसा माँ चामुंडा का आह्वान करती है — दुर्गा का वह उग्र रूप जिन्होंने चंड और मुंड असुरों का वध किया। वे बुरी शक्तियों, काले जादू और दैत्य शक्तियों के विरुद्ध शक्तिशाली रक्षक हैं। यह चालीसा सभी प्रकार की नकारात्मकता को नष्ट करने और उग्र दैवीय सुरक्षा के लिए पढ़ी जाती है।
अंतिम अपडेट: 23 अप्रैल 2026 · पारंपरिक वैदिक भक्ति ग्रंथ
चामुंडा चालीसा के लाभ
- ·बुराई, नकारात्मक ऊर्जाओं और काले जादू का नाश
- ·दैत्य शक्तियों और दुर्भावनापूर्ण आत्माओं से सुरक्षा
- ·चरम परिस्थितियों में और खतरनाक शत्रुओं पर विजय
- ·प्रतिकूलता के सामने निर्भयता और आंतरिक शक्ति
- ·घर, भूमि और परिवेश की नकारात्मक ऊर्जा से शुद्धि
- ·अंतिम संस्कार अनुष्ठानों के दौरान और पितृ शांति के लिए आशीर्वाद
पाठ का सर्वोत्तम समय
अमावस्या, आश्विन नवरात्रि (विशेष रूप से सप्तमी) और मंगलवार की रात। पितृ शांति के लिए अंतिम संस्कार अनुष्ठानों के दौरान।
चामुंडा चालीसा — संपूर्ण पाठ
॥ चामुंडा चालीसा ॥
दोहा
जय चामुंडा की जय, करो कृपा हे देव। भक्त जनों की सुनो सदा, यही है विनती सेव॥
सामान्य प्रश्न
प्र.चामुंडा चालीसा के क्या लाभ हैं?
बुराई, नकारात्मक ऊर्जाओं और काले जादू का नाश दैत्य शक्तियों और दुर्भावनापूर्ण आत्माओं से सुरक्षा चरम परिस्थितियों में और खतरनाक शत्रुओं पर विजय प्रतिकूलता के सामने निर्भयता और आंतरिक शक्ति घर, भूमि और परिवेश की नकारात्मक ऊर्जा से शुद्धि अंतिम संस्कार अनुष्ठानों के दौरान और पितृ शांति के लिए आशीर्वाद
प्र.चामुंडा चालीसा पाठ का सबसे अच्छा समय कब है?
अमावस्या, आश्विन नवरात्रि (विशेष रूप से सप्तमी) और मंगलवार की रात। पितृ शांति के लिए अंतिम संस्कार अनुष्ठानों के दौरान।