भगवान बुध देव · भक्ति स्तोत्र
बुध चालीसा
Budh Chalisa
बुध चालीसा बुद्धि, संचार और व्यापार के ग्रह भगवान बुध देव की भक्ति स्तुति है। यह जन्मकुंडली में बुध को बलवान करती है, मन को तीव्र करती है, वाणी में सुधार लाती है और व्यापार, वाणिज्य और बौद्धिक कार्यों में सफलता देती है।
अंतिम अपडेट: 23 अप्रैल 2026 · पारंपरिक वैदिक भक्ति ग्रंथ
बुध चालीसा के लाभ
- ·तीव्र बुद्धि, तीक्ष्ण सोच और विश्लेषण क्षमता
- ·वाक्पटुता, प्रभावशाली वाणी और संचार कौशल
- ·व्यापार, वाणिज्य और वित्तीय लेनदेन में सफलता
- ·बुध दोष और वाणी दोषों से राहत
- ·लेखन, पत्रकारिता और बौद्धिक क्षेत्रों में उत्कृष्टता
- ·बेहतर संचार से संबंधों में सामंजस्य
पाठ का सर्वोत्तम समय
बुधवार, विशेष रूप से प्रातःकाल। बुध वक्री काल में सुरक्षा के लिए। महत्वपूर्ण व्यावसायिक बैठकों या परीक्षाओं से पहले।
बुध चालीसा — संपूर्ण पाठ
॥ बुध चालीसा ॥
दोहा
जय बुध देव की जय, करो कृपा हे देव। भक्त जनों की सुनो सदा, यही है विनती सेव॥
सामान्य प्रश्न
प्र.बुध चालीसा के क्या लाभ हैं?
तीव्र बुद्धि, तीक्ष्ण सोच और विश्लेषण क्षमता वाक्पटुता, प्रभावशाली वाणी और संचार कौशल व्यापार, वाणिज्य और वित्तीय लेनदेन में सफलता बुध दोष और वाणी दोषों से राहत लेखन, पत्रकारिता और बौद्धिक क्षेत्रों में उत्कृष्टता बेहतर संचार से संबंधों में सामंजस्य
प्र.बुध चालीसा पाठ का सबसे अच्छा समय कब है?
बुधवार, विशेष रूप से प्रातःकाल। बुध वक्री काल में सुरक्षा के लिए। महत्वपूर्ण व्यावसायिक बैठकों या परीक्षाओं से पहले।