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गृह एवं संपत्ति — वैदिक पूजा विधि

वास्तु शांति पूजा

देवता वास्तु पुरुष, भगवान गणेश, नवग्रह
अवधि 4–6 घंटे
श्रेणी गृह एवं संपत्ति

संक्षिप्त परिचय

वास्तु शांति पूजा घर या भवन की ऊर्जा को शुद्ध और सामंजस्यपूर्ण बनाने के लिए की जाती है। यह भौतिक बदलाव किए बिना वास्तु दोषों को ठीक करती है। इसमें वास्तु पुरुष की पूजा, वास्तु यंत्र की स्थापना, हवन और घर की आठों दिशाओं में विशेष वास्तु मंत्रों का जाप शामिल है।

अंतिम अपडेट: 19 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा

लाभ

वास्तु दोष दूर होते हैं, घर में शांति और सामंजस्य आता है, निवासियों का स्वास्थ्य सुधरता है, नकारात्मक ऊर्जाएं हटती हैं, परिवार के सभी सदस्यों की समृद्धि होती है।

चरण-दर-चरण विधि

गंगाजल से घर को शुद्ध करें। गणेश पूजा करें। घर के केंद्र में वास्तु पुरुष का आवाहन करें। नवग्रह पूजा करें। वास्तु मंत्रों से हवन करें। उत्तर-पूर्व दिशा में वास्तु यंत्र स्थापित करें। प्रसाद बांटें।

शुभ मुहूर्त

नए घर में प्रवेश से पहले, नवीनीकरण के बाद, या जब निवासियों को बार-बार दुर्भाग्य हो। शुभ मुहूर्त पर करें।

आवश्यक सामग्री

  • ·वास्तु यंत्र
  • ·कलश
  • ·नवग्रह समिधा
  • ·हवन सामग्री
  • ·गंगाजल
  • ·ताँबे का बर्तन
  • ·लाल कपड़ा
  • ·मौली
  • ·नारियल

सामान्य प्रश्न

प्र.वास्तु शांति पूजा क्या है?

वास्तु शांति पूजा घर या भवन की ऊर्जा को शुद्ध और सामंजस्यपूर्ण बनाने के लिए की जाती है। यह भौतिक बदलाव किए बिना वास्तु दोषों को ठीक करती है। इसमें वास्तु पुरुष की पूजा, वास्तु यंत्र की स्थापना, हवन और घर की आठों दिशाओं में विशेष वास्तु मंत्रों का जाप...

प्र.वास्तु शांति पूजा के क्या लाभ हैं?

वास्तु दोष दूर होते हैं, घर में शांति और सामंजस्य आता है, निवासियों का स्वास्थ्य सुधरता है, नकारात्मक ऊर्जाएं हटती हैं, परिवार के सभी सदस्यों की समृद्धि होती है।

प्र.वास्तु शांति पूजा का सबसे अच्छा समय क्या है?

नए घर में प्रवेश से पहले, नवीनीकरण के बाद, या जब निवासियों को बार-बार दुर्भाग्य हो। शुभ मुहूर्त पर करें।

प्र.वास्तु शांति पूजा के लिए कौन सी सामग्री चाहिए?

वास्तु यंत्र, कलश, नवग्रह समिधा, हवन सामग्री, गंगाजल, ताँबे का बर्तन, लाल कपड़ा, मौली, नारियल।

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