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गृह एवं संपत्ति — वैदिक पूजा विधि

नया व्यापार पूजा

देवता भगवान गणेश, देवी लक्ष्मी एवं कुबेर देव
अवधि 2–3 घंटे
श्रेणी गृह एवं संपत्ति

संक्षिप्त परिचय

नया व्यापार पूजा एक वैदिक अनुष्ठान है जो किसी नए व्यवसाय, कंपनी या वाणिज्यिक उद्यम की शुरुआत से पहले सफलता, समृद्धि और निर्बाध विकास के लिए दिव्य आशीर्वाद प्राप्त करने हेतु किया जाता है। सभी बाधाएं दूर करने के लिए सबसे पहले भगवान गणेश का आवाहन किया जाता है, धन और भाग्य के लिए देवी लक्ष्मी और वित्तीय प्रचुरता के लिए खगोलीय कोषाध्यक्ष कुबेर देव का। पूजा में हवन, व्यापार संबंधी मंत्रों का पाठ और बही-खाते, तिजोरी, कंप्यूटर तथा व्यापारिक उपकरणों का अभिषेक शामिल होता है।

अंतिम अपडेट: 23 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा

लाभ

व्यापार यात्रा की शुरुआत में सभी बाधाएं दूर होती हैं, धन, ग्राहक और अवसर आकर्षित होते हैं, सुचारु संचालन और विकास सुनिश्चित होता है, वित्तीय हानि और प्रतिस्पर्धियों से सुरक्षा मिलती है, और कार्यस्थल में दिव्य कृपा और सकारात्मक ऊर्जा स्थापित होती है।

चरण-दर-चरण विधि

शुभ मुहूर्त चुनें (पंडित से परामर्श करें)। गणेश, लक्ष्मी और कुबेर की मूर्तियां या चित्र वेदी पर स्थापित करें। व्यापारिक वस्तुएं — बही-खाते, चाबियां, डिजिटल उपकरण — वेदी के पास रखें। पहले गणेश पूजा करें, फिर 16 उपचारों से लक्ष्मी और कुबेर पूजा करें। व्यापार-समृद्धि मंत्रों के साथ छोटा हवन करें। सभी व्यावसायिक परिसरों और उपकरणों पर पवित्र जल छिड़कें। मुख्य प्रवेश द्वार पर लाल या पीला धागा (मौली) बांधें। कर्मचारियों और सहयोगियों को मिठाई बांटें।

शुभ मुहूर्त

शुभ दिन: अक्षय तृतीया, धनतेरस, विजयदशमी, पुष्य नक्षत्र, बुधवार या गुरुवार। अशुभ समय (राहु काल, गुलिक काल) से बचें।

आवश्यक सामग्री

  • ·गणेश प्रतिमा
  • ·लक्ष्मी प्रतिमा
  • ·कुबेर यंत्र या चित्र
  • ·लाल कपड़ा
  • ·पीले फूल
  • ·गेंदे की माला
  • ·नारियल
  • ·अगरबत्ती
  • ·कपूर
  • ·हवन सामग्री
  • ·बही-खाते
  • ·नए सिक्के
  • ·मिठाई
  • ·लाल/पीला धागा (मौली)

सामान्य प्रश्न

प्र.नया व्यापार पूजा क्या है?

नया व्यापार पूजा एक वैदिक अनुष्ठान है जो किसी नए व्यवसाय, कंपनी या वाणिज्यिक उद्यम की शुरुआत से पहले सफलता, समृद्धि और निर्बाध विकास के लिए दिव्य आशीर्वाद प्राप्त करने हेतु किया जाता है। सभी बाधाएं दूर करने के लिए सबसे पहले भगवान गणेश का आवाहन किया ज...

प्र.नया व्यापार पूजा के क्या लाभ हैं?

व्यापार यात्रा की शुरुआत में सभी बाधाएं दूर होती हैं, धन, ग्राहक और अवसर आकर्षित होते हैं, सुचारु संचालन और विकास सुनिश्चित होता है, वित्तीय हानि और प्रतिस्पर्धियों से सुरक्षा मिलती है, और कार्यस्थल में दिव्य कृपा और सकारात्मक ऊर्जा स्थापित होती है।

प्र.नया व्यापार पूजा का सबसे अच्छा समय क्या है?

शुभ दिन: अक्षय तृतीया, धनतेरस, विजयदशमी, पुष्य नक्षत्र, बुधवार या गुरुवार। अशुभ समय (राहु काल, गुलिक काल) से बचें।

प्र.नया व्यापार पूजा के लिए कौन सी सामग्री चाहिए?

गणेश प्रतिमा, लक्ष्मी प्रतिमा, कुबेर यंत्र या चित्र, लाल कपड़ा, पीले फूल, गेंदे की माला, नारियल, अगरबत्ती, कपूर, हवन सामग्री, बही-खाते, नए सिक्के, मिठाई, लाल/पीला धागा (मौली)।

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