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अन्य पूजाएं — वैदिक पूजा विधि

षष्ठी पूजा

देवता देवी षष्ठी (छठी मैया)
अवधि 1–1.5 घंटे
श्रेणी अन्य पूजाएं

संक्षिप्त परिचय

षष्ठी पूजा चंद्र माह के छठे दिन को की जाती है और देवी षष्ठी को समर्पित है जो बच्चों की दिव्य रक्षक हैं। विशेष रूप से बच्चे के जन्म के छठे दिन उनकी पूजा की जाती है। स्कंद षष्ठी दक्षिण भारत में भगवान कार्तिकेय को समर्पित है। बंगाल में षष्ठी को बच्चों को बुरी नजर से बचाने वाली देवी के रूप में पूजा जाता है।

अंतिम अपडेट: 24 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा

लाभ

बच्चों को बीमारी और बुरी नजर से सुरक्षा मिलती है, दंपतियों को संतान सुख का आशीर्वाद मिलता है, सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित होता है, बच्चे की दीर्घायु होती है और पूरे परिवार के लिए मातृदेवी की कृपा प्राप्त होती है।

चरण-दर-चरण विधि

पूजा स्थान साफ करें और देवी षष्ठी की मूर्ति स्थापित करें। पीले फूल, हल्दी और मिठाई अर्पित करें। दीपक जलाएं और षष्ठी देवी स्तोत्र पढ़ें। प्रसव के बाद की विधि में नई माँ छठे दिन पूजा करती है। दक्षिण में स्कंद षष्ठी में छह दिनों का उपवास और कार्तिकेय पूजा होती है।

शुभ मुहूर्त

प्रत्येक चंद्र माह की षष्ठी तिथि। बच्चे के जन्म के बाद छठा दिन सबसे महत्वपूर्ण अनुष्ठान है। स्कंद षष्ठी कार्तिगाई माह में पड़ती है।

आवश्यक सामग्री

  • ·षष्ठी देवी की छवि या मूर्ति
  • ·पीले फूल
  • ·हल्दी
  • ·नारियल
  • ·मिठाई
  • ·फल
  • ·घी का दीपक
  • ·अगरबत्ती
  • ·लाल वस्त्र
  • ·अक्षत
  • ·पान के पत्ते
  • ·सुपारी

सामान्य प्रश्न

प्र.षष्ठी पूजा क्या है?

षष्ठी पूजा चंद्र माह के छठे दिन को की जाती है और देवी षष्ठी को समर्पित है जो बच्चों की दिव्य रक्षक हैं। विशेष रूप से बच्चे के जन्म के छठे दिन उनकी पूजा की जाती है। स्कंद षष्ठी दक्षिण भारत में भगवान कार्तिकेय को समर्पित है। बंगाल में षष्ठी को बच्चों क...

प्र.षष्ठी पूजा के क्या लाभ हैं?

बच्चों को बीमारी और बुरी नजर से सुरक्षा मिलती है, दंपतियों को संतान सुख का आशीर्वाद मिलता है, सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित होता है, बच्चे की दीर्घायु होती है और पूरे परिवार के लिए मातृदेवी की कृपा प्राप्त होती है।

प्र.षष्ठी पूजा का सबसे अच्छा समय क्या है?

प्रत्येक चंद्र माह की षष्ठी तिथि। बच्चे के जन्म के बाद छठा दिन सबसे महत्वपूर्ण अनुष्ठान है। स्कंद षष्ठी कार्तिगाई माह में पड़ती है।

प्र.षष्ठी पूजा के लिए कौन सी सामग्री चाहिए?

षष्ठी देवी की छवि या मूर्ति, पीले फूल, हल्दी, नारियल, मिठाई, फल, घी का दीपक, अगरबत्ती, लाल वस्त्र, अक्षत, पान के पत्ते, सुपारी।

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