अन्य पूजाएं — वैदिक पूजा विधि
हनुमान जयंती पूजा
संक्षिप्त परिचय
हनुमान जयंती पूजा भगवान हनुमान — राम के दिव्य भक्त, शक्ति, साहस और निस्वार्थ सेवा के प्रतीक — की जन्म जयंती का उत्सव मनाती है। चैत्र पूर्णिमा (चैत्र मास की पूर्णिमा) को मनाया जाता है। भक्त सिंदूर, तिल का तेल, लाल फूल और बूंदी के लड्डू अर्पित करते हैं। पूरे दिन-रात हनुमान चालीसा, सुंदरकांड और बजरंग बाण का पाठ होता है।
अंतिम अपडेट: 24 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा
लाभ
अपार शारीरिक और मानसिक शक्ति मिलती है, भय और नकारात्मकता दूर होती है, बुरी आत्माओं और काले जादू से रक्षा होती है, कठिन कार्यों में सफलता मिलती है, मंगल दोष दूर होता है और भगवान राम के प्रति भक्ति गहरी होती है।
चरण-दर-चरण विधि
स्नान के बाद सुबह जल्दी हनुमान मंदिर जाएं। हनुमान प्रतिमा पर सिंदूर और तिल का तेल लगाएं। लाल फूल, बूंदी के लड्डू और बेसन के लड्डू चढ़ाएं। हनुमान चालीसा 11 या 108 बार पढ़ें। रामचरितमानस से सुंदरकांड का पाठ करें। भव्य आरती करें। सरसों के तेल के दीपक जलाएं। जरूरतमंदों को भोजन और वस्त्र दान करें।
शुभ मुहूर्त
चैत्र पूर्णिमा (चैत्र मास की पूर्णिमा — मार्च/अप्रैल)। वर्षभर प्रत्येक मंगलवार और शनिवार को भी।
आवश्यक सामग्री
- ·हनुमान प्रतिमा या चित्र
- ·सिंदूर
- ·तिल का तेल
- ·लाल फूल
- ·बूंदी के लड्डू
- ·बेसन के लड्डू
- ·सरसों के तेल के दीपक
- ·अगरबत्ती
- ·लाल कपड़ा
- ·केला
सामान्य प्रश्न
प्र.हनुमान जयंती पूजा क्या है?
हनुमान जयंती पूजा भगवान हनुमान — राम के दिव्य भक्त, शक्ति, साहस और निस्वार्थ सेवा के प्रतीक — की जन्म जयंती का उत्सव मनाती है। चैत्र पूर्णिमा (चैत्र मास की पूर्णिमा) को मनाया जाता है। भक्त सिंदूर, तिल का तेल, लाल फूल और बूंदी के लड्डू अर्पित करते हैं...
प्र.हनुमान जयंती पूजा के क्या लाभ हैं?
अपार शारीरिक और मानसिक शक्ति मिलती है, भय और नकारात्मकता दूर होती है, बुरी आत्माओं और काले जादू से रक्षा होती है, कठिन कार्यों में सफलता मिलती है, मंगल दोष दूर होता है और भगवान राम के प्रति भक्ति गहरी होती है।
प्र.हनुमान जयंती पूजा का सबसे अच्छा समय क्या है?
चैत्र पूर्णिमा (चैत्र मास की पूर्णिमा — मार्च/अप्रैल)। वर्षभर प्रत्येक मंगलवार और शनिवार को भी।
प्र.हनुमान जयंती पूजा के लिए कौन सी सामग्री चाहिए?
हनुमान प्रतिमा या चित्र, सिंदूर, तिल का तेल, लाल फूल, बूंदी के लड्डू, बेसन के लड्डू, सरसों के तेल के दीपक, अगरबत्ती, लाल कपड़ा, केला।