अन्य पूजाएं — वैदिक पूजा विधि
गणेश पूजा
संक्षिप्त परिचय
गणेश पूजा किसी भी नए कार्य, समारोह या महत्वपूर्ण काम की शुरुआत से पहले भगवान गणेश का आशीर्वाद लेने के लिए की जाती है। गणेश जी किसी भी हिंदू अनुष्ठान में सबसे पहले पूजे जाते हैं। पूजा में मोदक, दूर्वा घास, लाल फूल चढ़ाए जाते हैं और गणेश चालीसा या गणेश अथर्वशीर्ष का पाठ होता है।
अंतिम अपडेट: 19 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा
लाभ
सभी बाधाएं दूर होती हैं (विघ्नहर्ता), नए कार्यों में सफलता मिलती है, बुद्धि और विवेक बढ़ता है, कार्यों का निर्विघ्न समापन होता है।
चरण-दर-चरण विधि
स्वच्छ वेदी पर गणेश प्रतिमा रखें। लाल फूल, दूर्वा घास, मोदक और नारियल चढ़ाएं। अगरबत्ती और दीपक जलाएं। गणेश मंत्र या गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ करें। आरती करें और मोदक प्रसाद बांटें।
शुभ मुहूर्त
चतुर्थी (महीने का चौथा दिन), बुधवार, या किसी भी महत्वपूर्ण कार्य से पहले। सुबह का समय सर्वोत्तम।
आवश्यक सामग्री
- ·गणेश प्रतिमा
- ·लाल फूल (गुड़हल)
- ·दूर्वा घास
- ·मोदक
- ·नारियल
- ·अगरबत्ती
- ·घी का दीपक
- ·गुड़
- ·केला
सामान्य प्रश्न
प्र.गणेश पूजा क्या है?
गणेश पूजा किसी भी नए कार्य, समारोह या महत्वपूर्ण काम की शुरुआत से पहले भगवान गणेश का आशीर्वाद लेने के लिए की जाती है। गणेश जी किसी भी हिंदू अनुष्ठान में सबसे पहले पूजे जाते हैं। पूजा में मोदक, दूर्वा घास, लाल फूल चढ़ाए जाते हैं और गणेश चालीसा या गणेश...
प्र.गणेश पूजा के क्या लाभ हैं?
सभी बाधाएं दूर होती हैं (विघ्नहर्ता), नए कार्यों में सफलता मिलती है, बुद्धि और विवेक बढ़ता है, कार्यों का निर्विघ्न समापन होता है।
प्र.गणेश पूजा का सबसे अच्छा समय क्या है?
चतुर्थी (महीने का चौथा दिन), बुधवार, या किसी भी महत्वपूर्ण कार्य से पहले। सुबह का समय सर्वोत्तम।
प्र.गणेश पूजा के लिए कौन सी सामग्री चाहिए?
गणेश प्रतिमा, लाल फूल (गुड़हल), दूर्वा घास, मोदक, नारियल, अगरबत्ती, घी का दीपक, गुड़, केला।