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पवित्र पाठ — वैदिक पूजा विधि

रामायण पाठ

देवता भगवान राम
अवधि 2–3 घंटे (सुंदर काण्ड); 9 दिन (संपूर्ण रामचरितमानस); 30+ दिन (संपूर्ण वाल्मीकि रामायण)
श्रेणी पवित्र पाठ

संक्षिप्त परिचय

रामायण पाठ रामायण — वाल्मीकि द्वारा संस्कृत में रचित और तुलसीदास द्वारा अवधी में रामचरितमानस के रूप में पुनर्कथित भगवान राम के जीवन की महाकाव्य कथा — का भक्ति पठन है। राम के जन्म, वनवास, सीता का हरण और रावण पर विजय को कवर करते हुए यह ग्रंथ एक आध्यात्मिक धर्मग्रंथ और धार्मिक जीवन का मार्गदर्शक है। पाठ में संपूर्ण वाल्मीकि रामायण, रामचरितमानस (सात काण्ड) या सुंदर काण्ड शामिल हो सकते हैं।

अंतिम अपडेट: 23 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा

लाभ

मन की शांति और उद्देश्य की स्पष्टता मिलती है, पारिवारिक संबंध और नैतिक मूल्य मजबूत होते हैं, पाप और कर्मिक ऋण दूर होते हैं, घर और परिवार को सुरक्षा मिलती है, उचित इच्छाएं पूरी होती हैं और पूर्ण भक्ति से पठन करने वालों को मोक्ष मिलता है।

चरण-दर-चरण विधि

शुद्धि करें और पूर्व की ओर मुख करके स्वच्छ स्थान पर बैठें। वेदी पर राम, सीता, लक्ष्मण और हनुमान की प्रतिमा रखें। घी दीपक और अगरबत्ती जलाएं। पीले फूल और तुलसी चढ़ाएं। गणेश आवाहन से शुरू करें फिर राम का आवाहन करें। चुने हुए काण्ड या संपूर्ण ग्रंथ का स्थिर और स्पष्ट पठन करें। समापन पर आरती करें और प्रसाद बांटें।

शुभ मुहूर्त

राम नवमी, दीवाली, विवाह पंचमी और मंगलवार या रविवार को। ब्रह्म मुहूर्त आदर्श है; संपूर्ण पाठ परंपरागत रूप से 9 दिनों में या सुंदर काण्ड के लिए एक दिन में किया जाता है।

आवश्यक सामग्री

  • ·राम, सीता, लक्ष्मण, हनुमान की प्रतिमाएं
  • ·घी का दीपक
  • ·पीले फूल
  • ·तुलसी पत्ते
  • ·अगरबत्ती
  • ·नारियल
  • ·कपूर
  • ·रामचरितमानस या वाल्मीकि रामायण पुस्तक
  • ·फल और मिठाई

सामान्य प्रश्न

प्र.रामायण पाठ क्या है?

रामायण पाठ रामायण — वाल्मीकि द्वारा संस्कृत में रचित और तुलसीदास द्वारा अवधी में रामचरितमानस के रूप में पुनर्कथित भगवान राम के जीवन की महाकाव्य कथा — का भक्ति पठन है। राम के जन्म, वनवास, सीता का हरण और रावण पर विजय को कवर करते हुए यह ग्रंथ एक आध्यात्...

प्र.रामायण पाठ के क्या लाभ हैं?

मन की शांति और उद्देश्य की स्पष्टता मिलती है, पारिवारिक संबंध और नैतिक मूल्य मजबूत होते हैं, पाप और कर्मिक ऋण दूर होते हैं, घर और परिवार को सुरक्षा मिलती है, उचित इच्छाएं पूरी होती हैं और पूर्ण भक्ति से पठन करने वालों को मोक्ष मिलता है।

प्र.रामायण पाठ का सबसे अच्छा समय क्या है?

राम नवमी, दीवाली, विवाह पंचमी और मंगलवार या रविवार को। ब्रह्म मुहूर्त आदर्श है; संपूर्ण पाठ परंपरागत रूप से 9 दिनों में या सुंदर काण्ड के लिए एक दिन में किया जाता है।

प्र.रामायण पाठ के लिए कौन सी सामग्री चाहिए?

राम, सीता, लक्ष्मण, हनुमान की प्रतिमाएं, घी का दीपक, पीले फूल, तुलसी पत्ते, अगरबत्ती, नारियल, कपूर, रामचरितमानस या वाल्मीकि रामायण पुस्तक, फल और मिठाई।

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