पवित्र पाठ — वैदिक पूजा विधि
दुर्गा सप्तशती पाठ
संक्षिप्त परिचय
दुर्गा सप्तशती पाठ देवी महात्म्यम् — मार्कण्डेय पुराण के 700 छंदों (सप्तशती का अर्थ सात सौ है) का पवित्र पठन है जो असुरी शक्तियों पर देवी दुर्गा की विजय का वर्णन करता है। तेरह अध्यायों में विभाजित तीन चरित्रों में महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती की महिमा का वर्णन है। यह पाठ नवरात्रि अनुष्ठानों का केंद्र है और हिंदू परंपरा में सबसे शक्तिशाली शाक्त अनुष्ठानों में से एक माना जाता है।
अंतिम अपडेट: 23 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा
लाभ
सभी बुराई, नकारात्मकता और काले जादू का नाश होता है, शत्रुओं और दुर्भाग्य से रक्षा होती है, धन-स्वास्थ्य और वैवाहिक सुख मिलता है, भय दूर होता है और साहस मिलता है, सभी इच्छाएं पूरी होती हैं, और कई जन्मों के संचित पापों का शोधन होता है।
चरण-दर-चरण विधि
स्नान से शुद्धि करें और स्वच्छ लाल या सफेद वस्त्र पहनें। देवी दुर्गा की प्रतिमा, कलश और घी दीपक के साथ वेदी स्थापित करें। लाल फूल, कुमकुम और फल चढ़ाएं। गणेश पूजा से शुरू करें, फिर नवार्ण मंत्र जाप करें। सप्तशती के तेरह अध्यायों का पाठ एक बैठक में या नवरात्रि के नौ दिनों में करें। देवी आरती और प्रसाद वितरण से समाप्त करें।
शुभ मुहूर्त
नवरात्रि (चैत्र और शारद दोनों), अष्टमी, नवमी और शुक्रवार को। दैनिक पाठ के लिए ब्रह्म मुहूर्त (प्रातःकाल) सर्वाधिक शुभ है।
आवश्यक सामग्री
- ·दुर्गा प्रतिमा या यंत्र
- ·लाल फूल
- ·कुमकुम
- ·घी का दीपक
- ·अगरबत्ती
- ·जल-कलश
- ·नारियल
- ·लाल वस्त्र
- ·दुर्गा सप्तशती पुस्तक
- ·फल और मिठाई
सामान्य प्रश्न
प्र.दुर्गा सप्तशती पाठ क्या है?
दुर्गा सप्तशती पाठ देवी महात्म्यम् — मार्कण्डेय पुराण के 700 छंदों (सप्तशती का अर्थ सात सौ है) का पवित्र पठन है जो असुरी शक्तियों पर देवी दुर्गा की विजय का वर्णन करता है। तेरह अध्यायों में विभाजित तीन चरित्रों में महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती की...
प्र.दुर्गा सप्तशती पाठ के क्या लाभ हैं?
सभी बुराई, नकारात्मकता और काले जादू का नाश होता है, शत्रुओं और दुर्भाग्य से रक्षा होती है, धन-स्वास्थ्य और वैवाहिक सुख मिलता है, भय दूर होता है और साहस मिलता है, सभी इच्छाएं पूरी होती हैं, और कई जन्मों के संचित पापों का शोधन होता है।
प्र.दुर्गा सप्तशती पाठ का सबसे अच्छा समय क्या है?
नवरात्रि (चैत्र और शारद दोनों), अष्टमी, नवमी और शुक्रवार को। दैनिक पाठ के लिए ब्रह्म मुहूर्त (प्रातःकाल) सर्वाधिक शुभ है।
प्र.दुर्गा सप्तशती पाठ के लिए कौन सी सामग्री चाहिए?
दुर्गा प्रतिमा या यंत्र, लाल फूल, कुमकुम, घी का दीपक, अगरबत्ती, जल-कलश, नारियल, लाल वस्त्र, दुर्गा सप्तशती पुस्तक, फल और मिठाई।