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अन्य पूजाएं — वैदिक पूजा विधि

पंचमुखी हनुमान पूजा

देवता पंचमुखी हनुमान
अवधि 1–2 घंटे
श्रेणी अन्य पूजाएं

संक्षिप्त परिचय

पंचमुखी हनुमान पूजा भगवान हनुमान के पांच मुखों वाले स्वरूप की पूजा है — वैष्णव और शैव परंपराओं में सबसे शक्तिशाली स्वरूपों में से एक। पांच मुख हैं — हनुमान (पूर्व), नरसिंह (दक्षिण), गरुड़ (पश्चिम), वाराह (उत्तर), और हयग्रीव (ऊपर) — जो सभी दिशाओं से भक्त की रक्षा करने वाली पांच दिव्य ऊर्जाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं। यह स्वरूप हनुमानजी ने लंका में महिरावण के साथ युद्ध के दौरान एक साथ पांच दीपक बुझाकर भगवान राम और लक्ष्मण को बचाने के लिए धारण किया था।

अंतिम अपडेट: 23 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा

लाभ

शत्रुओं, बुरी आत्माओं और काला जादू से सर्वदिशात्मक सुरक्षा मिलती है, भय और चिंता दूर होती है, असाधारण शारीरिक और मानसिक शक्ति प्राप्त होती है, आध्यात्मिक मार्ग पर बाधाएं नष्ट होती हैं, कानूनी विवादों में विजय मिलती है, और शुद्ध मन के भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

चरण-दर-चरण विधि

पंचमुखी हनुमान की छवि या मूर्ति को दक्षिण दिशा की ओर मुख करके स्थापित करें। तिल के तेल या पंचामृत से अभिषेक करें। लाल फूल, सिंदूर और चमेली की मालाएं अर्पित करें। पांच तिल के तेल के दीपक जलाएं। पंचमुखी हनुमान कवच या हनुमान चालीसा का 5 बार पाठ करें। बेसन के लड्डू या गुड़ अर्पित करें। आरती से समापन करें।

शुभ मुहूर्त

मंगलवार और शनिवार सबसे शुभ हैं। हनुमान जयंती, नवरात्रि और कार्तिक की पूर्णिमा भी आदर्श हैं। ब्रह्म मुहूर्त या प्रदोष काल दैनिक पूजा के सर्वोत्तम समय हैं।

आवश्यक सामग्री

  • ·पंचमुखी हनुमान की छवि या मूर्ति
  • ·तिल का तेल
  • ·पंचामृत
  • ·लाल फूल
  • ·सिंदूर
  • ·चमेली की मालाएं
  • ·5 तेल के दीपक
  • ·बेसन के लड्डू या गुड़
  • ·अगरबत्ती
  • ·कपूर
  • ·लाल कपड़ा
  • ·अक्षत

सामान्य प्रश्न

प्र.पंचमुखी हनुमान पूजा क्या है?

पंचमुखी हनुमान पूजा भगवान हनुमान के पांच मुखों वाले स्वरूप की पूजा है — वैष्णव और शैव परंपराओं में सबसे शक्तिशाली स्वरूपों में से एक। पांच मुख हैं — हनुमान (पूर्व), नरसिंह (दक्षिण), गरुड़ (पश्चिम), वाराह (उत्तर), और हयग्रीव (ऊपर) — जो सभी दिशाओं से भ...

प्र.पंचमुखी हनुमान पूजा के क्या लाभ हैं?

शत्रुओं, बुरी आत्माओं और काला जादू से सर्वदिशात्मक सुरक्षा मिलती है, भय और चिंता दूर होती है, असाधारण शारीरिक और मानसिक शक्ति प्राप्त होती है, आध्यात्मिक मार्ग पर बाधाएं नष्ट होती हैं, कानूनी विवादों में विजय मिलती है, और शुद्ध मन के भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

प्र.पंचमुखी हनुमान पूजा का सबसे अच्छा समय क्या है?

मंगलवार और शनिवार सबसे शुभ हैं। हनुमान जयंती, नवरात्रि और कार्तिक की पूर्णिमा भी आदर्श हैं। ब्रह्म मुहूर्त या प्रदोष काल दैनिक पूजा के सर्वोत्तम समय हैं।

प्र.पंचमुखी हनुमान पूजा के लिए कौन सी सामग्री चाहिए?

पंचमुखी हनुमान की छवि या मूर्ति, तिल का तेल, पंचामृत, लाल फूल, सिंदूर, चमेली की मालाएं, 5 तेल के दीपक, बेसन के लड्डू या गुड़, अगरबत्ती, कपूर, लाल कपड़ा, अक्षत।

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