शिव पूजा — वैदिक पूजा विधि
केदारनाथ पूजा
संक्षिप्त परिचय
केदारनाथ पूजा भगवान शिव के केदारनाथ स्वरूप को समर्पित है — जो क्षेत्र के स्वामी और हिमालय के अधिपति हैं। गढ़वाल हिमालय में 3,583 मीटर की ऊंचाई पर स्थित केदारनाथ बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक और चार धाम यात्रा का सर्वोच्च स्थल है। यह पूजा शक्ति, साहस, कष्टों से मुक्ति और जन्म-मृत्यु के चक्र से मोक्ष के लिए की जाती है। भक्त कच्चे चावल, बेल पत्र अर्पित करते हैं और महामृत्युंजय मंत्र का पाठ करते हुए अभिषेक करते हैं।
अंतिम अपडेट: 24 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा
लाभ
जीवन की कठिनाइयों को दूर करने के लिए शक्ति और साहस मिलता है, मृत्यु का भय दूर होता है, दीर्घकालिक बीमारी ठीक होती है, कर्म ऋण समाप्त होते हैं, दैवीय सुरक्षा मिलती है और मोक्ष की ओर आध्यात्मिक प्रगति होती है।
चरण-दर-चरण विधि
पूजा के दिन उपवास रखें। उत्तर की ओर मुख करके स्वच्छ वेदी पर शिवलिंग स्थापित करें। दूध, गंगाजल और कच्चे चावल से अभिषेक करें। बेल पत्र, कच्चे चावल, तिल और सफेद फूल अर्पित करें। महामृत्युंजय मंत्र का 108 बार जाप करें और केदारनाथ स्तोत्रम पढ़ें। कपूर जलाएं और आरती करें। अनुष्ठान के भाग के रूप में गरीबों या मंदिर को दान करें।
शुभ मुहूर्त
श्रावण सोमवार, महाशिवरात्रि, प्रदोष व्रत और केदारनाथ मंदिर खुलने का दिन (अक्षय तृतीया)। ब्रह्म मुहूर्त (सुबह जल्दी) सर्वाधिक शुभ है।
आवश्यक सामग्री
- ·शिवलिंग
- ·गंगाजल
- ·कच्चे चावल
- ·दूध
- ·बेल पत्र
- ·सफेद फूल
- ·तिल
- ·कपूर
- ·अगरबत्ती
- ·घी का दीपक
- ·चंदन का लेप
- ·पवित्र धागा
सामान्य प्रश्न
प्र.केदारनाथ पूजा क्या है?
केदारनाथ पूजा भगवान शिव के केदारनाथ स्वरूप को समर्पित है — जो क्षेत्र के स्वामी और हिमालय के अधिपति हैं। गढ़वाल हिमालय में 3,583 मीटर की ऊंचाई पर स्थित केदारनाथ बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक और चार धाम यात्रा का सर्वोच्च स्थल है। यह पूजा शक्ति, साहस,...
प्र.केदारनाथ पूजा के क्या लाभ हैं?
जीवन की कठिनाइयों को दूर करने के लिए शक्ति और साहस मिलता है, मृत्यु का भय दूर होता है, दीर्घकालिक बीमारी ठीक होती है, कर्म ऋण समाप्त होते हैं, दैवीय सुरक्षा मिलती है और मोक्ष की ओर आध्यात्मिक प्रगति होती है।
प्र.केदारनाथ पूजा का सबसे अच्छा समय क्या है?
श्रावण सोमवार, महाशिवरात्रि, प्रदोष व्रत और केदारनाथ मंदिर खुलने का दिन (अक्षय तृतीया)। ब्रह्म मुहूर्त (सुबह जल्दी) सर्वाधिक शुभ है।
प्र.केदारनाथ पूजा के लिए कौन सी सामग्री चाहिए?
शिवलिंग, गंगाजल, कच्चे चावल, दूध, बेल पत्र, सफेद फूल, तिल, कपूर, अगरबत्ती, घी का दीपक, चंदन का लेप, पवित्र धागा।