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पवित्र पाठ — वैदिक पूजा विधि

हनुमान चालीसा पाठ

देवता भगवान हनुमान
अवधि 10–15 मिनट (एकल पाठ); 1–2 घंटे (11 पाठ)
श्रेणी पवित्र पाठ

संक्षिप्त परिचय

हनुमान चालीसा पाठ हनुमान चालीसा — 16वीं शताब्दी में संत कवि तुलसीदास द्वारा अवधी बोली में रचित चालीस भक्ति छंदों — का पठन है। चालीसा भगवान हनुमान की शक्ति, भक्ति, ज्ञान और करुणा की प्रशंसा करती है। यह विश्व में सर्वाधिक पढ़ी जाने वाली हिंदू प्रार्थनाओं में से एक है। नियमित पठन से हनुमान जी की सीधी सुरक्षा मिलती है, बाधाएं दूर होती हैं और दुष्ट आत्माएं भागती हैं।

अंतिम अपडेट: 24 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा

लाभ

दुष्ट आत्माओं, काले जादू और शत्रुओं से शक्तिशाली सुरक्षा मिलती है, भय, चिंता और अवसाद दूर होता है, साहस, शक्ति और दृढ़ संकल्प मिलता है, कानूनी मामलों और विवादों में सहायता मिलती है, शारीरिक स्वास्थ्य सुधरता है और राम-हनुमान भक्ति गहरी होती है।

चरण-दर-चरण विधि

स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र (नारंगी या लाल पसंदीदा) पहनें। हनुमान प्रतिमा के सामने घी या सरसों के तेल का दीपक जलाएं। लाल फूल, सिंदूर और बेसन के लड्डू चढ़ाएं। हनुमान चालीसा का स्पष्ट और श्रद्धापूर्वक पाठ करें। सुरक्षा के लिए लगातार 7 या 11 बार पढ़ें। मंगलवार और शनिवार को कम से कम एक बार अवश्य पढ़ें।

शुभ मुहूर्त

मंगलवार और शनिवार सबसे शुभ हैं। सूर्योदय और सूर्यास्त का समय आदर्श है। कठिनाई या खतरे के समय किसी भी वक्त पढ़ा जा सकता है।

आवश्यक सामग्री

  • ·हनुमान प्रतिमा
  • ·घी या सरसों के तेल का दीपक
  • ·लाल फूल
  • ·सिंदूर
  • ·बेसन के लड्डू
  • ·अगरबत्ती
  • ·हनुमान चालीसा पुस्तक या पाठ

सामान्य प्रश्न

प्र.हनुमान चालीसा पाठ क्या है?

हनुमान चालीसा पाठ हनुमान चालीसा — 16वीं शताब्दी में संत कवि तुलसीदास द्वारा अवधी बोली में रचित चालीस भक्ति छंदों — का पठन है। चालीसा भगवान हनुमान की शक्ति, भक्ति, ज्ञान और करुणा की प्रशंसा करती है। यह विश्व में सर्वाधिक पढ़ी जाने वाली हिंदू प्रार्थना...

प्र.हनुमान चालीसा पाठ के क्या लाभ हैं?

दुष्ट आत्माओं, काले जादू और शत्रुओं से शक्तिशाली सुरक्षा मिलती है, भय, चिंता और अवसाद दूर होता है, साहस, शक्ति और दृढ़ संकल्प मिलता है, कानूनी मामलों और विवादों में सहायता मिलती है, शारीरिक स्वास्थ्य सुधरता है और राम-हनुमान भक्ति गहरी होती है।

प्र.हनुमान चालीसा पाठ का सबसे अच्छा समय क्या है?

मंगलवार और शनिवार सबसे शुभ हैं। सूर्योदय और सूर्यास्त का समय आदर्श है। कठिनाई या खतरे के समय किसी भी वक्त पढ़ा जा सकता है।

प्र.हनुमान चालीसा पाठ के लिए कौन सी सामग्री चाहिए?

हनुमान प्रतिमा, घी या सरसों के तेल का दीपक, लाल फूल, सिंदूर, बेसन के लड्डू, अगरबत्ती, हनुमान चालीसा पुस्तक या पाठ।

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