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अन्य पूजाएं — वैदिक पूजा विधि

दत्तात्रेय पूजा

देवता भगवान दत्तात्रेय
अवधि 1–2 घंटे
श्रेणी अन्य पूजाएं

संक्षिप्त परिचय

दत्तात्रेय पूजा भगवान दत्तात्रेय की पूजा है — हिंदू त्रिमूर्ति: ब्रह्मा, विष्णु और शिव का संयुक्त स्वरूप — जो तीन सिरों और छह भुजाओं वाले एकल दिव्य प्राणी में समाहित है। दत्तात्रेय को आदि गुरु और योग, तंत्र एवं वैदिक ज्ञान के स्वामी के रूप में पूजा जाता है। उन्हें गुरुओं का गुरु माना जाता है। दत्तात्रेय को चार कुत्तों और एक गाय के साथ एक भ्रमणशील ऋषि के रूप में चित्रित किया जाता है।

अंतिम अपडेट: 23 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा

लाभ

परम ज्ञान और आत्म-साक्षात्कार का आशीर्वाद मिलता है, पितृ ऋण और पितृ दोष दूर होते हैं, भक्त को अहंकार और अज्ञान से मुक्ति मिलती है, आध्यात्मिक मार्ग पर प्रगति तेज होती है, काला जादू और बुरी शक्तियों से सुरक्षा मिलती है।

चरण-दर-चरण विधि

पूर्व दिशा की ओर मुख करके स्वच्छ वेदी पर दत्तात्रेय की छवि या मूर्ति रखें। पंचामृत अभिषेक करें। पीले फूलों और तुलसी से सजाएं। तीन बत्तियों वाला घी का दीपक जलाएं। दत्त स्तवम या श्री गुरुचरित्र के अंश पढ़ें। पूजा के बाद गाय या कुत्तों को भोजन कराएं।

शुभ मुहूर्त

दत्तात्रेय जयंती (मार्गशीर्ष पूर्णिमा) सबसे पवित्र दिन है। साल भर गुरुवार, दत्त द्वादशी और मार्गशीर्ष माह अत्यंत शुभ हैं।

आवश्यक सामग्री

  • ·दत्तात्रेय की छवि या मूर्ति
  • ·पंचामृत
  • ·पीले फूल
  • ·तुलसी पत्ते
  • ·घी का दीपक (3 बत्तियां)
  • ·अगरबत्ती
  • ·पान के पत्ते
  • ·नारियल
  • ·फल
  • ·कपूर
  • ·अक्षत
  • ·चंदन का लेप
  • ·पीला कपड़ा

सामान्य प्रश्न

प्र.दत्तात्रेय पूजा क्या है?

दत्तात्रेय पूजा भगवान दत्तात्रेय की पूजा है — हिंदू त्रिमूर्ति: ब्रह्मा, विष्णु और शिव का संयुक्त स्वरूप — जो तीन सिरों और छह भुजाओं वाले एकल दिव्य प्राणी में समाहित है। दत्तात्रेय को आदि गुरु और योग, तंत्र एवं वैदिक ज्ञान के स्वामी के रूप में पूजा ज...

प्र.दत्तात्रेय पूजा के क्या लाभ हैं?

परम ज्ञान और आत्म-साक्षात्कार का आशीर्वाद मिलता है, पितृ ऋण और पितृ दोष दूर होते हैं, भक्त को अहंकार और अज्ञान से मुक्ति मिलती है, आध्यात्मिक मार्ग पर प्रगति तेज होती है, काला जादू और बुरी शक्तियों से सुरक्षा मिलती है।

प्र.दत्तात्रेय पूजा का सबसे अच्छा समय क्या है?

दत्तात्रेय जयंती (मार्गशीर्ष पूर्णिमा) सबसे पवित्र दिन है। साल भर गुरुवार, दत्त द्वादशी और मार्गशीर्ष माह अत्यंत शुभ हैं।

प्र.दत्तात्रेय पूजा के लिए कौन सी सामग्री चाहिए?

दत्तात्रेय की छवि या मूर्ति, पंचामृत, पीले फूल, तुलसी पत्ते, घी का दीपक (3 बत्तियां), अगरबत्ती, पान के पत्ते, नारियल, फल, कपूर, अक्षत, चंदन का लेप, पीला कपड़ा।

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