वैदिक मंत्र · भगवान विश्वकर्मा
विश्वकर्मा मंत्र
Vishwakarma Mantra
संस्कृत (देवनागरी)
ॐ आधार शक्तये नमः विश्वकर्मणे नमः ॐ नमो भगवते विश्वकर्मणे सर्वकार्यसिद्धिदाय नमः
रोमन लिपि
Om Ādhāra Śaktaye Namaḥ Viśvakarmāṇe Namaḥ Om Namo Bhagavate Viśvakarmāṇe Sarvakāryasiddhidāya Namaḥ
अर्थ
आधारभूत शक्ति को नमन। सृष्टि के दिव्य शिल्पी विश्वकर्मा को प्रणाम। ओम, भगवान विश्वकर्मा को नमस्कार जो समस्त कार्यों और शिल्पों में सफलता प्रदान करते हैं।
अंतिम अपडेट: 23 अप्रैल 2026 · पारंपरिक वैदिक मंत्र
विश्वकर्मा मंत्र के लाभ
- ·शिल्प, इंजीनियरिंग, वास्तुकला और तकनीकी कार्यों में सफलता और उत्कृष्टता प्रदान करता है
- ·औजारों, यंत्रों और उपकरणों को आशीर्वाद देता है — विश्वकर्मा जयंती पर विशेष रूप से जपा जाता है
- ·कलात्मक और शारीरिक कार्यों में रचनात्मकता, नवीनता और कौशल बढ़ाता है
- ·व्यावसायिक परियोजनाओं और निर्माण कार्यों में बाधाएँ और विफलताएँ दूर करता है
- ·व्यक्ति के शिल्प या पेशे में दिव्य परिशुद्धता और सिद्धि लाता है
- ·कार्यशालाओं, कारखानों और कार्यस्थलों को दुर्घटनाओं से सुरक्षित रखता है
जाप विधि
- 1.स्वच्छ कार्यस्थल पर या अपने औजारों के पास पूर्व दिशा की ओर मुँह करके बैठें
- 2.अगरबत्ती और घी का दीपक जलाएँ; विश्वकर्मा की छवि पर फूल और फल अर्पित करें
- 3.विशेष रूप से विश्वकर्मा जयंती (भाद्र शुक्ल त्रयोदशी, सामान्यतः सितंबर) पर जपें
- 4.किसी भी नई परियोजना, मशीन या रचनात्मक कार्य को शुरू करने से पहले 108 बार जपें
- 5.कारीगरों और शिल्पकारों को दैनिक कार्य शुरू करने से पहले जपना चाहिए
- 6.कौशल, परिशुद्धता और सफल समापन की प्रार्थना के साथ जाप समाप्त करें
जाप का सर्वोत्तम समय
प्रतिदिन ब्रह्म मुहूर्त। विश्वकर्मा जयंती (भाद्र शुक्ल त्रयोदशी)। किसी भी नई परियोजना, वाहन या यंत्र को शुरू करने से पहले। रविवार शुभ।
अनुशंसित जाप संख्या
प्रतिदिन 108 बार (1 माला)। विश्वकर्मा जयंती पर पूर्ण आशीर्वाद के लिए 1008 बार।
सामान्य प्रश्न
प्र.विश्वकर्मा मंत्र किसे जपना चाहिए?
यह मंत्र इंजीनियरों, वास्तुकारों, कारीगरों, शिल्पकारों, मैकेनिकों, मूर्तिकारों, जौहरियों और किसी भी तकनीकी या रचनात्मक पेशे में लगे लोगों के लिए विशेष रूप से लाभकारी है।
प्र.विश्वकर्मा जयंती पर क्या करना चाहिए?
विश्वकर्मा जयंती पर कारीगर और मजदूर अपने औजारों और मशीनों की पूजा करते हैं। इस दिन 1008 बार मंत्र जपने से आने वाले वर्ष में कार्य में सफलता और सुरक्षा मिलती है।