आज: वैदिक ज्योतिष · प्राचीन · सटीक · मुफ्त
खंड १ · अंक १ · स्था. MMXXVIरविवार, 19 अप्रैल 2026मुफ्त · वैदिक · सटीक
VedicBirth
वैदिक ज्योतिष एवं ज्योतिष गणना
Aaj: Vedic Astrology & Jyotish · Free · Precise
Vol. I · No. 1 · Est. MMXXVISunday, 19 April 2026Free · Vedic · Precise
VedicBirth
Vedic Astrology & Jyotish Calculations
8,241Kundlis Generated
50+Free Tools
27Nakshatras
12Rashis Decoded
100%Free Forever

वैदिक मंत्र · माँ गायत्री / सूर्य देव

गायत्री मंत्र

Gayatri Mantra

प्रकारवैदिक मंत्र
देवतामाँ गायत्री / सूर्य देव
अक्षर24

संस्कृत (देवनागरी)

ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्

रोमन लिपि

Om Bhur Bhuvaḥ Svaḥ Tat Savitur Vareṇyaṃ Bhargo Devasya Dhīmahi Dhiyo Yo Naḥ Pracodayāt

अर्थ

हम उस परमात्मा की दिव्य ज्योति का ध्यान करते हैं जो भूलोक, भुवर्लोक और स्वर्गलोक में व्याप्त है। वह दिव्य प्रकाश हमारी बुद्धि को प्रकाशित करे और हमें सत्य की ओर प्रेरित करे।

अंतिम अपडेट: 19 अप्रैल 2026 · पारंपरिक वैदिक मंत्र

गायत्री मंत्र के लाभ

  • ·बुद्धि, एकाग्रता और स्मृति को बढ़ाता है — विद्यार्थियों के लिए विशेष लाभकारी
  • ·मन की शुद्धि होती है और नकारात्मक विचार दूर होते हैं
  • ·आध्यात्मिक जागरण और परमचेतना से जुड़ाव होता है
  • ·कुंडली में सूर्य ग्रह मजबूत होता है — स्वास्थ्य और जीवनशक्ति में सुधार
  • ·नकारात्मक ऊर्जाओं से सुरक्षा होती है और दिव्य कवच बनता है
  • ·सत्य-असत्य की पहचान करने की क्षमता और अंतर्ज्ञान विकसित होता है

जाप विधि

  1. 1.सूर्योदय के समय पूर्व दिशा की ओर मुँह करके बैठें — ब्रह्म मुहूर्त (4–6 बजे) सर्वोत्तम है
  2. 2.स्वच्छ आसन पर पद्मासन या सुखासन में बैठें; रीढ़ सीधी रखें
  3. 3.तीन गहरी सांसें लें, मन को शांत करें और जाप का संकल्प लें
  4. 4.स्पष्ट उच्चारण के साथ जपें — 24 अक्षरों में से प्रत्येक में विशेष ऊर्जा है
  5. 5.प्रत्येक जाप के साथ कल्पना करें कि सुनहरी सूर्य की रोशनी आपके मस्तक से प्रवेश कर रही है
  6. 6.गिनती के लिए 108 मनकों की माला रखें; 1, 3 या 11 माला जपें

जाप का सर्वोत्तम समय

ब्रह्म मुहूर्त (प्रातः 4–6 बजे) सूर्योदय के समय पूर्व दिशा में। मध्याह्न और सूर्यास्त पर भी। नवरात्रि, एकादशी और सूर्य ग्रहण के दिन विशेष फलदायी।

अनुशंसित जाप संख्या

प्रतिदिन 108 बार (1 माला)। गहरे अभ्यास के लिए 3 माला (324 बार)। पुरश्चरण: 24 लाख जाप।

सामान्य प्रश्न

प्र.गायत्री मंत्र कौन जप सकता है?

गायत्री मंत्र का जाप कोई भी कर सकता है — जाति, लिंग या पृष्ठभूमि के बिना। श्री अरविंद, स्वामी विवेकानंद और रामकृष्ण परमहंस सभी ने पुष्टि की है कि यह मंत्र सभी के लिए उपलब्ध है।

प्र.गायत्री मंत्र कितनी बार जपना चाहिए?

प्रतिदिन 108 बार (एक माला) सामान्य अभ्यास है। विशेष उद्देश्य के लिए 3 माला (324 बार) की सिफारिश है। 24 लाख जाप का पुरश्चरण सबसे पूर्ण अभ्यास है।

प्र.गायत्री मंत्र जपने का सबसे अच्छा समय क्या है?

तीन संध्याएँ — सूर्योदय, मध्याह्न और सूर्यास्त — पारंपरिक समय हैं। ब्रह्म मुहूर्त (4–6 बजे) सबसे शक्तिशाली है।

संबंधित मंत्र