आज: वैदिक ज्योतिष · प्राचीन · सटीक · मुफ्त
खंड १ · अंक १ · स्था. MMXXVIरविवार, 19 अप्रैल 2026मुफ्त · वैदिक · सटीक
VedicBirth
वैदिक ज्योतिष एवं ज्योतिष गणना
Aaj: Vedic Astrology & Jyotish · Free · Precise
Vol. I · No. 1 · Est. MMXXVISunday, 19 April 2026Free · Vedic · Precise
VedicBirth
Vedic Astrology & Jyotish Calculations
8,241Kundlis Generated
50+Free Tools
27Nakshatras
12Rashis Decoded
100%Free Forever

बीज मंत्र · नवग्रह देवता

नवग्रह बीज मंत्र — 9 ग्रहों के मंत्र

Navgraha Beej Mantras

प्रकारबीज मंत्र
देवतानवग्रह देवता

संस्कृत (देवनागरी)

सूर्य: ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः चंद्र: ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चंद्राय नमः मंगल: ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः बुध: ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः बृहस्पति: ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः शुक्र: ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः शनि: ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः राहु: ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः केतु: ॐ स्त्रां स्त्रीं स्त्रौं सः केतवे नमः

रोमन लिपि

Sun: Om Hraam Hreem Hraum Sah Suryaya Namah Moon: Om Shraam Shreem Shraum Sah Chandraya Namah Mars: Om Kraam Kreem Kraum Sah Bhaumaya Namah Mercury: Om Braam Breem Braum Sah Budhaya Namah Jupiter: Om Graam Greem Graum Sah Gurave Namah Venus: Om Draam Dreem Draum Sah Shukraya Namah Saturn: Om Praam Preem Praum Sah Shanaischaraya Namah Rahu: Om Bhraam Bhreem Bhraum Sah Rahave Namah Ketu: Om Straam Streem Straum Sah Ketave Namah

अर्थ

ये नौ बीज मंत्र वैदिक ज्योतिष के नौ ग्रहों (नवग्रहों) के अनुरूप हैं। प्रत्येक मंत्र में ग्रह की अनूठी कंपन-आवृत्ति है — जाप से कुंडली में शुभ ग्रह मजबूत होते हैं और अशुभ ग्रह शांत होते हैं।

अंतिम अपडेट: 19 अप्रैल 2026 · पारंपरिक वैदिक मंत्र

नवग्रह बीज मंत्र — 9 ग्रहों के मंत्र के लाभ

  • ·कुंडली में समस्या देने वाले अशुभ ग्रहों को शांत करता है
  • ·कमजोर शुभ ग्रहों को मजबूत करके उनका सकारात्मक प्रभाव बढ़ाता है
  • ·ग्रह दशाओं का विशेष उपाय — दशानाथ के मंत्र का जाप करें
  • ·नवग्रह पूजा में उपयोग — सभी नौ ग्रहों की एक साथ पूजा
  • ·ग्रहण और कठिन गोचर के दौरान ग्रहों की ऊर्जा को संतुलित करता है
  • ·शनि साढ़ेसाती, राहु-केतु दशा और मंगल दोष में आवश्यक

जाप विधि

  1. 1.प्रत्येक ग्रह का एक विशेष दिन है: सूर्य=रविवार, चंद्र=सोमवार, मंगल=मंगलवार, बुध=बुधवार, बृहस्पति=गुरुवार, शुक्र=शुक्रवार, शनि=शनिवार
  2. 2.कुंडली में कमजोर ग्रह के लिए: उसके निर्धारित दिन पर उसका मंत्र 108 बार जपें
  3. 3.वर्तमान ग्रह दशा के लिए: दशानाथ का मंत्र प्रतिदिन जपें
  4. 4.नवग्रह पूजा के लिए: सूर्य से शुरू करके क्रम में प्रत्येक का 9 बार जाप करें
  5. 5.ग्रह की दिशा में मुँह करें: सूर्य/चंद्र=पूर्व, मंगल=दक्षिण, बुध=उत्तर, बृहस्पति=ईशान, शुक्र=आग्नेय, शनि=पश्चिम

जाप का सर्वोत्तम समय

प्रत्येक ग्रह का मंत्र उसके अपने दिन सबसे शक्तिशाली होता है। सूर्योदय (ब्रह्म मुहूर्त) सबसे प्रभावी है। ग्रह की होरा के दौरान विशेष रूप से शक्तिशाली।

अनुशंसित जाप संख्या

ग्रह के दिन 108 बार। पूर्ण नवग्रह शांति के लिए: क्रमिक दिनों में प्रत्येक ग्रह का 9 × 108 जाप। पुरश्चरण ग्रह के अनुसार 7,000 से 23,000 जाप।

सामान्य प्रश्न

प्र.मुझे कौन सा नवग्रह मंत्र जपना चाहिए?

उस ग्रह का मंत्र जपें जो आपकी वर्तमान दशा या अंतर्दशा में समस्या दे रहा है। यदि दशा नहीं जानते, तो जन्म कुंडली में जो ग्रह कमजोर, नीच या पाप प्रभाव में हो, उसका मंत्र जपें।

प्र.नवग्रह पूजा में मंत्र कितनी बार जपना चाहिए?

नवग्रह पूजा में प्रत्येक ग्रह का मंत्र 9 बार जपते हैं। दैनिक अभ्यास के लिए संबंधित ग्रह के दिन उसका मंत्र 108 बार जपें। पूर्ण पुरश्चरण के लिए ग्रह के अनुसार 7,000 से 23,000 जाप।

संबंधित मंत्र