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बीज मंत्र · भगवान बृहस्पति गुरु देव

गुरु बीज मंत्र (बृहस्पति)

Guru Beej Mantra (Jupiter)

प्रकारबीज मंत्र
देवताभगवान बृहस्पति गुरु देव
अक्षर10

संस्कृत (देवनागरी)

ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः

रोमन लिपि

Om Graam Greem Graum Sah Gurave Namah

अर्थ

ॐ। गुरु (बृहस्पति) को नमस्कार, देवताओं के दिव्य शिक्षक। बीज अक्षर ग्रां, ग्रीं, ग्रौं बृहस्पति की विस्तृत, ज्ञानमय और दयालु ऊर्जा के वाहक हैं। यह मंत्र ज्ञान, समृद्धि और दैवीय कृपा प्रदान करता है।

अंतिम अपडेट: 22 मई 2026 · पारंपरिक वैदिक मंत्र

गुरु बीज मंत्र (बृहस्पति) के लाभ

  • ·कुंडली में बृहस्पति मजबूत होता है, ज्ञान, धन और भाग्य प्राप्त होता है
  • ·विवाह में बाधाएँ दूर होती हैं, विशेषकर महिलाओं के लिए (बृहस्पति पति कारक है)
  • ·आध्यात्मिक ज्ञान, दार्शनिक समझ और दैवीय जुड़ाव बढ़ता है
  • ·आर्थिक समृद्धि, उच्च शिक्षा और पेशेवर सफलता बेहतर होती है
  • ·शिक्षकों, वकीलों, न्यायाधीशों, पुजारियों और सलाहकारों के लिए लाभकारी
  • ·गुरु चांडाल योग और बृहस्पति की नीचता के प्रभाव दूर होते हैं

जाप विधि

  1. 1.गुरुवार प्रातः ईशान दिशा (उत्तर-पूर्व) में मुँह करके जपें
  2. 2.पीले वस्त्र पहनें, पीले फूल, पीली मिठाई और हल्दी चढ़ाएँ
  3. 3.पुखराज माला या तुलसी माला से गिनती करें
  4. 4.गुरुवार का व्रत रखें (एक सात्विक भोजन) जबकि अभ्यास करें
  5. 5.हल्दी मिश्रित घी का दीपक जलाएँ, पीली लौ बृहस्पति के लिए
  6. 6.गुरुवार को मंत्र के साथ विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें

जाप का सर्वोत्तम समय

गुरुवार सूर्योदय पर। गुरु होरा के दौरान। पुष्य नक्षत्र के दिन। वार्षिक साधना के लिए गुरु पूर्णिमा।

अनुशंसित जाप संख्या

प्रतिदिन 108 बार। पुरश्चरण: 19,000 जाप। विवाह विलंब के लिए: 16 लगातार गुरुवार 108 बार।

सामान्य प्रश्न

प्र.गुरु बीज मंत्र से विवाह में देरी दूर होती है?

हाँ। बृहस्पति महिलाओं के लिए विवाह और सभी के लिए संतान का प्रमुख कारक है। 16 लगातार गुरुवार व्रत और मंत्र जाप से विवाह बाधाएँ दूर होती हैं।

प्र.गुरु बीज मंत्र किसे जपना चाहिए?

कुंडली में बृहस्पति कमजोर, नीच (मकर में) या पाप प्रभाव में हो। विवाह, संतान, शिक्षा या आर्थिक समस्याओं वाले लोग। गुरु दशा-अंतर्दशा में।

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