आज: वैदिक ज्योतिष · प्राचीन · सटीक · मुफ्त
खंड १ · अंक १ · स्था. MMXXVIशनिवार, 13 जून 2026मुफ्त · वैदिक · सटीक
VedicBirth
वैदिक ज्योतिष एवं ज्योतिष गणना

बीज मंत्र · श्री गणेश जी

गणेश मंत्र, ॐ गं गणपतये नमः

Ganesh Mantra

प्रकारबीज मंत्र
देवताश्री गणेश जी
अक्षर8

संस्कृत (देवनागरी)

ॐ गं गणपतये नमः

रोमन लिपि

Om Gaṃ Gaṇapataye Namaḥ

अर्थ

ॐ। मैं गणेश जी को नमस्कार करता हूँ, जो सभी गणों के स्वामी और सभी बाधाओं को हरने वाले हैं। "गं" गणेश जी का बीज अक्षर है जो उनकी संपूर्ण दिव्य ऊर्जा को एक ध्वनि में समेटता है।

अंतिम अपडेट: 13 जून 2026 · पारंपरिक वैदिक मंत्र

गणेश मंत्र, ॐ गं गणपतये नमः के लाभ

  • ·किसी भी नए कार्य, यात्रा या उपक्रम की शुरुआत में सभी बाधाएँ दूर होती हैं
  • ·किसी भी पूजा या मंत्र से पहले इसे जपें, गणेश जी सभी शुरुआतों को आशीर्वाद देते हैं
  • ·परीक्षा, इंटरव्यू और प्रतिस्पर्धात्मक स्थितियों में सफलता मिलती है
  • ·बुद्धि और विवेक शक्ति जागृत होती है
  • ·कुंडली में केतु के बुरे प्रभाव दूर होते हैं, गणेश केतु के स्वामी हैं
  • ·आर्थिक बाधाएँ दूर होती हैं और शुभ अवसर आते हैं

जाप विधि

  1. 1.किसी भी आध्यात्मिक अभ्यास, पूजा या महत्वपूर्ण कार्य से पहले सर्वप्रथम यही मंत्र जपें
  2. 2.बुधवार (गणेश जी का दिन), मोदक, दूर्वा और लाल फूल चढ़ाएँ
  3. 3.पूर्व दिशा में बैठें; मूँगे की या तुलसी की माला से गिनती करें
  4. 4.अगरबत्ती जलाएँ, गणेश जी को धूप और फूल बहुत प्रिय हैं
  5. 5.किसी भी नए कार्य से पहले कम से कम 21 बार; दैनिक अभ्यास के लिए 108 बार
  6. 6.परीक्षा, इंटरव्यू या किसी चुनौती से पहले मन में 11 या 21 बार जपें

जाप का सर्वोत्तम समय

ब्रह्म मुहूर्त (4–6 बजे)। बुधवार प्रातः सर्वोत्तम। गणेश चतुर्थी (भाद्रपद माह की चतुर्थी) और किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत में।

अनुशंसित जाप संख्या

किसी भी नए कार्य से पहले कम से कम 21 बार। दैनिक अभ्यास: 108 बार (1 माला)। बाधा निवारण के लिए: बुधवार को 1008 बार।

सामान्य प्रश्न

प्र.गणेश जी को सबसे पहले क्यों पूजते हैं?

गणेश जी विघ्नहर्ता हैं, बाधाओं को हरने वाले। वे शुरुआतों और परिवर्तनों के देवता हैं। पहले गणेश जी का आह्वान करने से सभी प्रार्थनाओं और कार्यों का मार्ग प्रशस्त होता है।

प्र.गणेश मंत्र कितनी बार जपना चाहिए?

किसी भी नए कार्य से पहले कम से कम 21 बार। दैनिक 108 बार। बुधवार को 1008 बार जाप करने से बड़ी बाधाएँ भी दूर होती हैं।

संबंधित मंत्र