क्षेत्रीय त्योहार — हिंदू पवित्र उत्सव
रंग पंचमी
संक्षिप्त परिचय
रंग पंचमी होली के बाद फाल्गुन कृष्ण पंचमी को पड़ती है और महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश तथा राजस्थान के कुछ हिस्सों में होली के मौसम का भव्य समापन है। होली के विपरीत, जो सांसारिक रंग खेल का उत्सव है, रंग पंचमी का गहरा आध्यात्मिक अर्थ है — आकाश में उड़ाए गए रंग पाँच दिव्य तत्वों का आह्वान करते हैं और पंच देवों की कृपा आकर्षित करते हैं। इंदौर में उत्सव विशेष रूप से शानदार होता है: राजवाड़ा चौक पर विशाल भीड़ इकट्ठी होती है जहाँ टनों गुलाल हवा में उड़ाया जाता है, पूरा आकाश लाल-गुलाबी हो जाता है।
अंतिम अपडेट: 24 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा
महत्व
रंग पंचमी के बारे में मान्यता है कि पवित्र रंगों से वातावरण शुद्ध होता है और होली के संक्रमणकालीन मौसम के बाद शेष नकारात्मक शक्तियाँ दूर होती हैं। आकाश में गुलाल उड़ाना देवताओं को प्रतीकात्मक भेंट है — वसंत की लौटती ऊष्मा के लिए कृतज्ञता और दिव्य आशीर्वाद के आह्वान का कार्य।
अनुष्ठान और परंपराएं
सामुदायिक आनंद की भावना से परिवार, मित्रों और अजनबियों पर जीवंत गुलाल और रंगीन पानी डालें। महाराष्ट्र में पिचकारियों से रंगीन पानी से भिगोएं। इंदौर में राजवाड़ा से शुरू होने वाले भव्य रंग पंचमी जुलूस (शोभा यात्रा) में भाग लें। स्थानीय मंदिरों में रंगीन फूल चढ़ाएं। मछुआरा समुदाय (मुंबई में कोली समुदाय) में शिमगा उत्सव रंग पंचमी को समुद्र तट पर समारोह के साथ समाप्त होता है।
पारंपरिक व्यंजन
सामान्य प्रश्न
प्र.रंग पंचमी क्या है?
रंग पंचमी होली के बाद फाल्गुन कृष्ण पंचमी को पड़ती है और महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश तथा राजस्थान के कुछ हिस्सों में होली के मौसम का भव्य समापन है। होली के विपरीत, जो सांसारिक रंग खेल का उत्सव है, रंग पंचमी का गहरा आध्यात्मिक अर्थ है — आकाश में उड़ाए गए ...
प्र.रंग पंचमी का क्या महत्व है?
रंग पंचमी के बारे में मान्यता है कि पवित्र रंगों से वातावरण शुद्ध होता है और होली के संक्रमणकालीन मौसम के बाद शेष नकारात्मक शक्तियाँ दूर होती हैं। आकाश में गुलाल उड़ाना देवताओं को प्रतीकात्मक भेंट है — वसंत की लौटती ऊष्मा के लिए कृतज्ञता और दिव्य आशीर्वाद के आह्वान का कार्य।
प्र.रंग पंचमी के अनुष्ठान क्या हैं?
सामुदायिक आनंद की भावना से परिवार, मित्रों और अजनबियों पर जीवंत गुलाल और रंगीन पानी डालें। महाराष्ट्र में पिचकारियों से रंगीन पानी से भिगोएं। इंदौर में राजवाड़ा से शुरू होने वाले भव्य रंग पंचमी जुलूस (शोभा यात्रा) में भाग लें। स्थानीय मंदिरों में रंगीन फूल चढ़ाएं। मछुआरा समुदाय (मुंबई में कोली समुदाय) में शिमगा उत्सव रंग पंचमी को समुद्र तट पर समारोह के साथ समाप्त होता है।
प्र.रंग पंचमी में कौन से व्यंजन बनते हैं?
पूरन पोली, ठंडाई, मालपुआ, श्रीखंड, गुजिया, घी के साथ पूरन पोली, भांग लस्सी