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क्षेत्रीय त्योहार — हिंदू पवित्र उत्सव

पुष्कर ऊंट मेला (पुष्कर मेला)

देवता भगवान ब्रह्मा — हिंदू त्रिमूर्ति के सृष्टिकर्ता; पुष्कर विश्व का एकमात्र प्रमुख ब्रह्मा मंदिर है
माह कार्तिक (अक्टूबर/नवंबर) — मेला कार्तिक पूर्णिमा (पूर्णिमा) पर अपने चरम पर होता है
क्षेत्र पुष्कर, अजमेर जिला, राजस्थान

संक्षिप्त परिचय

पुष्कर ऊंट मेला एक साथ दुनिया का सबसे बड़ा ऊंट मेला और हिंदू धर्म के सबसे पवित्र तीर्थस्थलों में से एक है। राजस्थान के रेगिस्तानी शहर पुष्कर में कार्तिक पूर्णिमा के आसपास हर साल लाखों व्यापारी, तीर्थयात्री, पर्यटक और खानाबदोश समुदाय आते हैं। यह पशुधन व्यापार के रूप में शुरू हुआ था — जहां राजस्थान भर के पशुपालक ऊंट, घोड़े और मवेशी लेकर आते हैं — और अब यह ऊंट दौड़, सजावट प्रतियोगिता, लोक प्रदर्शन और धार्मिक अनुष्ठानों के पांच दिवसीय महाउत्सव में बदल गया है। पुष्कर झील, जिसे 52 स्नान घाटों से घिरा हुआ है, के बारे में माना जाता है कि यहां ब्रह्मा के हाथ से एक कमल गिरा था। पूर्णिमा की रात झील पर हजारों दीप तैरते हैं।

अंतिम अपडेट: 24 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा

महत्व

पुष्कर हिंदू भूगोल में एक अनूठा स्थान रखता है — यह पाँच पवित्र धामों (पंच सरोवर) में से एक है और पूरे भारत में ब्रह्मा देव को समर्पित एकमात्र प्रमुख तीर्थ है। कार्तिक पूर्णिमा पर पुष्कर झील में स्नान — जिसे वर्ष का सबसे शुभ स्नान दिवस माना जाता है — मोक्ष प्रदान करने वाला माना जाता है। यह मेला व्यापार, तीर्थयात्रा और सांस्कृतिक उत्सव को एकत्र करने की प्राचीन भारतीय परंपरा के जीवित उदाहरणों में से एक है।

अनुष्ठान और परंपराएं

कार्तिक पूर्णिमा से पहले पहुंचकर पशुधन मेले में भाग लें — ऊंट सौंदर्य प्रतियोगिता, ऊंट दौड़, प्रसिद्ध दुल्हन प्रतियोगिता और पगड़ी बांधने के आयोजन देखें। पुष्कर झील के घाटों पर पवित्र स्नान करें — ब्रह्मा घाट, गौ घाट और वराह घाट सबसे पवित्र हैं। जगतपिता ब्रह्मा मंदिर में दर्शन और पूजा करें। संध्याकाल में झील पर दीप (दिया) तैराएं — विशेष रूप से कार्तिक पूर्णिमा की रात जब हजारों दीप पूर्ण चंद्रमा को जल में प्रतिबिंबित करते हैं। कालबेलिया नृत्य, राजस्थानी कठपुतली और ऊंट पोलो के लोक प्रदर्शन में भाग लें।

पारंपरिक व्यंजन

मालपुआ (चाशनी में डूबा तला हुआ मीठा पैनकेक)प्याज़ कचौरीदाल बाटी चूरमा (राजस्थान का प्रमुख व्यंजन)घेवर (घी और मैदे की जालीदार मिठाई)लस्सीमिस्री मावाकेर सांगरी

सामान्य प्रश्न

प्र.पुष्कर ऊंट मेला (पुष्कर मेला) क्या है?

पुष्कर ऊंट मेला एक साथ दुनिया का सबसे बड़ा ऊंट मेला और हिंदू धर्म के सबसे पवित्र तीर्थस्थलों में से एक है। राजस्थान के रेगिस्तानी शहर पुष्कर में कार्तिक पूर्णिमा के आसपास हर साल लाखों व्यापारी, तीर्थयात्री, पर्यटक और खानाबदोश समुदाय आते हैं। यह पशुधन...

प्र.पुष्कर ऊंट मेला (पुष्कर मेला) का क्या महत्व है?

पुष्कर हिंदू भूगोल में एक अनूठा स्थान रखता है — यह पाँच पवित्र धामों (पंच सरोवर) में से एक है और पूरे भारत में ब्रह्मा देव को समर्पित एकमात्र प्रमुख तीर्थ है। कार्तिक पूर्णिमा पर पुष्कर झील में स्नान — जिसे वर्ष का सबसे शुभ स्नान दिवस माना जाता है — मोक्ष प्रदान करने वाला माना जाता है। यह मेला व्यापार, तीर्थयात्रा और सांस्कृतिक उत्सव को एकत्र करने की प्राचीन भारतीय परंपरा के जीवित उदाहरणों में से एक है।

प्र.पुष्कर ऊंट मेला (पुष्कर मेला) के अनुष्ठान क्या हैं?

कार्तिक पूर्णिमा से पहले पहुंचकर पशुधन मेले में भाग लें — ऊंट सौंदर्य प्रतियोगिता, ऊंट दौड़, प्रसिद्ध दुल्हन प्रतियोगिता और पगड़ी बांधने के आयोजन देखें। पुष्कर झील के घाटों पर पवित्र स्नान करें — ब्रह्मा घाट, गौ घाट और वराह घाट सबसे पवित्र हैं। जगतपिता ब्रह्मा मंदिर में दर्शन और पूजा करें। संध्याकाल में झील पर दीप (दिया) तैराएं — विशेष रूप से कार्तिक पूर्णिमा की रात जब हजारों दीप पूर्ण चंद्रमा को जल में प्रतिबिंबित करते हैं। कालबेलिया नृत्य, राजस्थानी कठपुतली और ऊंट पोलो के लोक प्रदर्शन में भाग लें।

प्र.पुष्कर ऊंट मेला (पुष्कर मेला) में कौन से व्यंजन बनते हैं?

मालपुआ (चाशनी में डूबा तला हुआ मीठा पैनकेक), प्याज़ कचौरी, दाल बाटी चूरमा (राजस्थान का प्रमुख व्यंजन), घेवर (घी और मैदे की जालीदार मिठाई), लस्सी, मिस्री मावा, केर सांगरी

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