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क्षेत्रीय त्योहार — हिंदू पवित्र उत्सव

लठमार होली

देवता राधा और कृष्ण
माह फाल्गुन (फरवरी/मार्च) — होली से एक सप्ताह पहले, एकादशी और द्वादशी को
क्षेत्र बरसाना और नंदगाँव, मथुरा जिला, उत्तर प्रदेश

संक्षिप्त परिचय

लठमार होली भारत की सबसे रोमांचक और विशिष्ट क्षेत्रीय होली उत्सवों में से एक है, जो मथुरा जिले के बरसाना और नंदगाँव गाँवों में मनाई जाती है — कृष्ण की बाल-लीलाओं की भूमि। पौराणिक कथा के अनुसार, कृष्ण अपने मित्रों के साथ नंदगाँव से राधा और गोपियों को छेड़ने बरसाना (राधा का गाँव) आते थे; बरसाना की महिलाएं उन्हें लाठियों से भगा देती थीं। हर साल यह दिव्य शरारत आनंदपूर्वक दोहराई जाती है: एकादशी को नंदगाँव के पुरुष बरसाना आते हैं और बरसाना की महिलाएं उन्हें सजाई गई बांस की लाठियों से मारती हैं, जबकि पुरुष चमड़े की ढाल से खुद को बचाते हैं।

अंतिम अपडेट: 24 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा

महत्व

लठमार होली कृष्ण की राधा और गोपियों के साथ दिव्य प्रेम-लीला का जीवंत मंचन है, जो शास्त्र को अनुभव में बदल देती है। यह उत्सव स्त्री शक्ति का उत्सव मनाता है — ब्रज की महिलाएं प्रतीकात्मक रूप से सत्ता धारण करती हैं जबकि पुरुष चंचलतापूर्वक समर्पण करते हैं — और भक्तों को याद दिलाता है कि भक्ति के क्षेत्र में प्रेम और हँसी ही पूजा का सर्वोच्च रूप है।

अनुष्ठान और परंपराएं

नंदगाँव के पुरुष रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधान पहनकर भक्ति गीत गाते हुए बरसाना जाते हैं। बरसाना की महिलाएं सजाई गई लाठियों के साथ पंक्तिबद्ध होती हैं और पुरुषों को खेल-खेल में मारती हैं, जो चमड़े की ढाल से खुद को बचाते हैं। पुरुष लड़ने की बजाय गाते और नाचते हैं। पारंपरिक ब्रज रसिया और होरी गीत गाएं। एक-दूसरे को रंगीन पानी और गुलाल से भिगोएं। बरसाना में राधा रानी मंदिर और नंदगाँव मंदिर के दर्शन करें।

पारंपरिक व्यंजन

मथुरा पेड़ागुजियाठंडाईपूरी आलू सब्जीदही वड़ामालपुआलस्सी

सामान्य प्रश्न

प्र.लठमार होली क्या है?

लठमार होली भारत की सबसे रोमांचक और विशिष्ट क्षेत्रीय होली उत्सवों में से एक है, जो मथुरा जिले के बरसाना और नंदगाँव गाँवों में मनाई जाती है — कृष्ण की बाल-लीलाओं की भूमि। पौराणिक कथा के अनुसार, कृष्ण अपने मित्रों के साथ नंदगाँव से राधा और गोपियों को छ...

प्र.लठमार होली का क्या महत्व है?

लठमार होली कृष्ण की राधा और गोपियों के साथ दिव्य प्रेम-लीला का जीवंत मंचन है, जो शास्त्र को अनुभव में बदल देती है। यह उत्सव स्त्री शक्ति का उत्सव मनाता है — ब्रज की महिलाएं प्रतीकात्मक रूप से सत्ता धारण करती हैं जबकि पुरुष चंचलतापूर्वक समर्पण करते हैं — और भक्तों को याद दिलाता है कि भक्ति के क्षेत्र में प्रेम और हँसी ही पूजा का सर्वोच्च रूप है।

प्र.लठमार होली के अनुष्ठान क्या हैं?

नंदगाँव के पुरुष रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधान पहनकर भक्ति गीत गाते हुए बरसाना जाते हैं। बरसाना की महिलाएं सजाई गई लाठियों के साथ पंक्तिबद्ध होती हैं और पुरुषों को खेल-खेल में मारती हैं, जो चमड़े की ढाल से खुद को बचाते हैं। पुरुष लड़ने की बजाय गाते और नाचते हैं। पारंपरिक ब्रज रसिया और होरी गीत गाएं। एक-दूसरे को रंगीन पानी और गुलाल से भिगोएं। बरसाना में राधा रानी मंदिर और नंदगाँव मंदिर के दर्शन करें।

प्र.लठमार होली में कौन से व्यंजन बनते हैं?

मथुरा पेड़ा, गुजिया, ठंडाई, पूरी आलू सब्जी, दही वड़ा, मालपुआ, लस्सी

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