आज: वैदिक ज्योतिष · प्राचीन · सटीक · मुफ्त
खंड १ · अंक १ · स्था. MMXXVIशुक्रवार, 24 अप्रैल 2026मुफ्त · वैदिक · सटीक
VedicBirth
वैदिक ज्योतिष एवं ज्योतिष गणना

क्षेत्रीय त्योहार — हिंदू पवित्र उत्सव

कोडुंगल्लूर भरणी

देवता देवी भद्रकाली (कुरुम्बा भगवती)
माह मीनम (मार्च/अप्रैल) — भरणी नक्षत्र
क्षेत्र कोडुंगल्लूर, त्रिशूर जिला, केरल

संक्षिप्त परिचय

कोडुंगल्लूर भरणी केरल के सबसे प्राचीन और रहस्यमय त्योहारों में से एक है, जो मलयालम महीने मीनम के भरणी नक्षत्र के दौरान कोडुंगल्लूर भगवती मंदिर में आयोजित होता है। यह त्योहार देवी भद्रकाली को समर्पित है और इसमें भरणी पट्टू (लोक गीत) गाना, उन्मादी अवस्था में भक्तों का आगमन और पवित्र कावुथेंडल शामिल हैं।

अंतिम अपडेट: 23 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा

महत्व

केरल में सबसे प्राचीन शक्ति पूजा परंपराओं में से एक, देवी की उग्र और अटल शक्ति का प्रतिनिधित्व करती है। यह त्योहार केरल की अनूठी पूर्व-वैदिक जनजातीय पूजा परंपराओं को संरक्षित करता है।

अनुष्ठान और परंपराएं

तलवारें और झंडे लेकर केरल भर से तीर्थयात्री (कावुथेंडल कहलाते हैं) आते हैं। भरणी पट्टू — प्राचीन लोक गीत गाना। कावुथेंडल — मंदिर परिसर का प्रतीकात्मक अनुष्ठान धावा। कलम एझुथु (देवी का अनुष्ठान फर्श चित्रण)। थूक्कम (हुक-झूलना)। वेलिचप्पाडु (दैवज्ञ) अनुष्ठान।

पारंपरिक व्यंजन

निवेद्यमपोरी (फूला चावल)नारियल चढ़ावाअवल (चपटा चावल)गुड़ पायसमपाझम (केला)

सामान्य प्रश्न

प्र.कोडुंगल्लूर भरणी क्या है?

कोडुंगल्लूर भरणी केरल के सबसे प्राचीन और रहस्यमय त्योहारों में से एक है, जो मलयालम महीने मीनम के भरणी नक्षत्र के दौरान कोडुंगल्लूर भगवती मंदिर में आयोजित होता है। यह त्योहार देवी भद्रकाली को समर्पित है और इसमें भरणी पट्टू (लोक गीत) गाना, उन्मादी अवस्...

प्र.कोडुंगल्लूर भरणी का क्या महत्व है?

केरल में सबसे प्राचीन शक्ति पूजा परंपराओं में से एक, देवी की उग्र और अटल शक्ति का प्रतिनिधित्व करती है। यह त्योहार केरल की अनूठी पूर्व-वैदिक जनजातीय पूजा परंपराओं को संरक्षित करता है।

प्र.कोडुंगल्लूर भरणी के अनुष्ठान क्या हैं?

तलवारें और झंडे लेकर केरल भर से तीर्थयात्री (कावुथेंडल कहलाते हैं) आते हैं। भरणी पट्टू — प्राचीन लोक गीत गाना। कावुथेंडल — मंदिर परिसर का प्रतीकात्मक अनुष्ठान धावा। कलम एझुथु (देवी का अनुष्ठान फर्श चित्रण)। थूक्कम (हुक-झूलना)। वेलिचप्पाडु (दैवज्ञ) अनुष्ठान।

प्र.कोडुंगल्लूर भरणी में कौन से व्यंजन बनते हैं?

निवेद्यम, पोरी (फूला चावल), नारियल चढ़ावा, अवल (चपटा चावल), गुड़ पायसम, पाझम (केला)

संबंधित त्योहार