क्षेत्रीय त्योहार — हिंदू पवित्र उत्सव
कार्तिगाई दीपम
संक्षिप्त परिचय
कार्तिगाई दीपम तमिलनाडु में तमिल महीने कार्तिगाई की पूर्णिमा को मनाया जाने वाला प्रकाश पर्व है। यह भगवान शिव के अग्नि के अनंत स्तंभ के रूप में प्रकट होने और मुरुगन के जन्म का उत्सव है। तिरुवन्नामलाई के अरुणाचल पहाड़ी पर विशाल ज्वाला दूर-दूर तक दिखती है।
अंतिम अपडेट: 23 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा
महत्व
दिव्य चेतना के प्रकाश का अज्ञान के अंधकार को दूर करने का प्रतीक। अरुणाचल की ज्वाला स्वयं भगवान शिव को आदि ज्योति के रूप में दर्शाती है। दक्षिण भारत के सबसे प्राचीन अग्नि उत्सवों में से एक।
अनुष्ठान और परंपराएं
सूर्यास्त के समय घरों के सामने तेल के दीपकों की पंक्तियाँ जलाएं। मुरुगन और शिव मंदिरों में जाएं। दीप पूजा करें। अरुणाचल गिरिवलम के लिए तीर्थयात्रा करें। पहाड़ी पर महादीपम ज्वाला प्रज्जवलन देखें।
पारंपरिक व्यंजन
सामान्य प्रश्न
प्र.कार्तिगाई दीपम क्या है?
कार्तिगाई दीपम तमिलनाडु में तमिल महीने कार्तिगाई की पूर्णिमा को मनाया जाने वाला प्रकाश पर्व है। यह भगवान शिव के अग्नि के अनंत स्तंभ के रूप में प्रकट होने और मुरुगन के जन्म का उत्सव है। तिरुवन्नामलाई के अरुणाचल पहाड़ी पर विशाल ज्वाला दूर-दूर तक दिखती ह...
प्र.कार्तिगाई दीपम का क्या महत्व है?
दिव्य चेतना के प्रकाश का अज्ञान के अंधकार को दूर करने का प्रतीक। अरुणाचल की ज्वाला स्वयं भगवान शिव को आदि ज्योति के रूप में दर्शाती है। दक्षिण भारत के सबसे प्राचीन अग्नि उत्सवों में से एक।
प्र.कार्तिगाई दीपम के अनुष्ठान क्या हैं?
सूर्यास्त के समय घरों के सामने तेल के दीपकों की पंक्तियाँ जलाएं। मुरुगन और शिव मंदिरों में जाएं। दीप पूजा करें। अरुणाचल गिरिवलम के लिए तीर्थयात्रा करें। पहाड़ी पर महादीपम ज्वाला प्रज्जवलन देखें।
प्र.कार्तिगाई दीपम में कौन से व्यंजन बनते हैं?
पोरी उरुंडाई (मुरमुरे के लड्डू), कार्तिगाई अडई, कोझुकट्टाई, अवल पायसम, नेई अप्पम, तिल चावल