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फसल त्योहार — हिंदू पवित्र उत्सव

बिहू

देवता पृथ्वी देवी, सूर्य देवता
माह बोहाग बिहू: अप्रैल (रोंगाली); काती बिहू: अक्टूबर (कोंगाली); माघ बिहू: जनवरी (भोगाली)
क्षेत्र असम (और विश्वभर में असमिया प्रवासी)

संक्षिप्त परिचय

बिहू असम का सबसे महत्वपूर्ण त्योहार है, जो कृषि चक्र को चिह्नित करते हुए वर्ष में तीन बार मनाया जाता है। रोंगाली बिहू (बोहाग, अप्रैल) सबसे बड़ा है — असमिया नव वर्ष और वसंत फसल उत्सव जो बिहू नृत्य, बिहू गीतों और सामुदायिक दावत के साथ मनाया जाता है। कोंगाली बिहू (काती, अक्टूबर) दीपों का गंभीर उत्सव है। भोगाली बिहू (माघ, जनवरी) फसल के बाद का धन्यवाद उत्सव है।

अंतिम अपडेट: 23 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा

महत्व

रोंगाली बिहू असमिया नव वर्ष और वसंत रोपण सत्र की शुरुआत का प्रतीक है — आनंद, नई शुरुआत और सामुदायिक बंधन का समय। बिहू जाति या धर्म की परवाह किए बिना असम के सभी समुदायों को एक साझा सांस्कृतिक पहचान में एकजुट करता है।

अनुष्ठान और परंपराएं

रोंगाली बिहू: खुले मैदानों में बिहू नृत्य करें। नए पारंपरिक कपड़े पहनें (महिलाओं के लिए मेखेला चादर)। बिहू उपहार (गमोसा कपड़ा) बाँटें। गाय-बैलों की पूजा करें (गोरु बिहू)। बड़ों से आशीर्वाद लें। भोगाली बिहू: मेजी (अलाव) बनाएं और जलाएं। सामुदायिक भोज।

पारंपरिक व्यंजन

पीठा (चावल के केक)लारू (नारियल-तिल के गोले)तिल पीठासुंगा पीठाजलपान (चावल-दही नाश्ता)मछली करी

सामान्य प्रश्न

प्र.बिहू क्या है?

बिहू असम का सबसे महत्वपूर्ण त्योहार है, जो कृषि चक्र को चिह्नित करते हुए वर्ष में तीन बार मनाया जाता है। रोंगाली बिहू (बोहाग, अप्रैल) सबसे बड़ा है — असमिया नव वर्ष और वसंत फसल उत्सव जो बिहू नृत्य, बिहू गीतों और सामुदायिक दावत के साथ मनाया जाता है। को...

प्र.बिहू का क्या महत्व है?

रोंगाली बिहू असमिया नव वर्ष और वसंत रोपण सत्र की शुरुआत का प्रतीक है — आनंद, नई शुरुआत और सामुदायिक बंधन का समय। बिहू जाति या धर्म की परवाह किए बिना असम के सभी समुदायों को एक साझा सांस्कृतिक पहचान में एकजुट करता है।

प्र.बिहू के अनुष्ठान क्या हैं?

रोंगाली बिहू: खुले मैदानों में बिहू नृत्य करें। नए पारंपरिक कपड़े पहनें (महिलाओं के लिए मेखेला चादर)। बिहू उपहार (गमोसा कपड़ा) बाँटें। गाय-बैलों की पूजा करें (गोरु बिहू)। बड़ों से आशीर्वाद लें। भोगाली बिहू: मेजी (अलाव) बनाएं और जलाएं। सामुदायिक भोज।

प्र.बिहू में कौन से व्यंजन बनते हैं?

पीठा (चावल के केक), लारू (नारियल-तिल के गोले), तिल पीठा, सुंगा पीठा, जलपान (चावल-दही नाश्ता), मछली करी

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