फसल त्योहार — हिंदू पवित्र उत्सव
बैसाखी
संक्षिप्त परिचय
बैसाखी (वैसाखी भी लिखी जाती है) पंजाब के सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है, जो हर साल 13 या 14 अप्रैल को मनाई जाती है — एक निश्चित सौर तिथि जो सूर्य के मेष राशि में प्रवेश (मेष संक्रांति) का प्रतीक है। यह एक साथ रबी (वसंत) फसल कटाई का उत्सव और सिख इतिहास का सबसे पवित्र दिन है: बैसाखी 1699 को गुरु गोबिंद सिंह जी ने आनंदपुर साहिब में खालसा पंथ की स्थापना की।
अंतिम अपडेट: 23 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा
महत्व
सिखों के लिए, खालसा पंथ की स्थापना — सिख इतिहास की सबसे परिवर्तनकारी घटना। हिंदुओं और व्यापक पंजाब समुदाय के लिए, रबी फसल कटाई उत्सव जो कृषि प्रचुरता के लिए धन्यवाद देता है।
अनुष्ठान और परंपराएं
अरदास और कीर्तन के लिए गुरुद्वारा जाएं। नगर कीर्तन जुलूस में भाग लें। भांगड़ा (पुरुष) और गिद्दा (महिला) लोक नृत्य करें। लंगर (सामुदायिक भोजन) बाँटें। सिखों के लिए: अमृत संचार समारोह। किसान पहली फसल गुरुद्वारा में चढ़ाएं।
पारंपरिक व्यंजन
सामान्य प्रश्न
प्र.बैसाखी क्या है?
बैसाखी (वैसाखी भी लिखी जाती है) पंजाब के सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है, जो हर साल 13 या 14 अप्रैल को मनाई जाती है — एक निश्चित सौर तिथि जो सूर्य के मेष राशि में प्रवेश (मेष संक्रांति) का प्रतीक है। यह एक साथ रबी (वसंत) फसल कटाई का उत्सव और स...
प्र.बैसाखी का क्या महत्व है?
सिखों के लिए, खालसा पंथ की स्थापना — सिख इतिहास की सबसे परिवर्तनकारी घटना। हिंदुओं और व्यापक पंजाब समुदाय के लिए, रबी फसल कटाई उत्सव जो कृषि प्रचुरता के लिए धन्यवाद देता है।
प्र.बैसाखी के अनुष्ठान क्या हैं?
अरदास और कीर्तन के लिए गुरुद्वारा जाएं। नगर कीर्तन जुलूस में भाग लें। भांगड़ा (पुरुष) और गिद्दा (महिला) लोक नृत्य करें। लंगर (सामुदायिक भोजन) बाँटें। सिखों के लिए: अमृत संचार समारोह। किसान पहली फसल गुरुद्वारा में चढ़ाएं।
प्र.बैसाखी में कौन से व्यंजन बनते हैं?
कड़ा प्रसाद (गेहूँ का हलवा), मक्की की रोटी और सरसों का साग, छोले भटूरे, लस्सी, पिन्नी, गाजर का हलवा, लंगर दाल