Lord Rama · Devotional Hymn
राम चालीसा
Ram Chalisa
Ram Chalisa praises Lord Rama — the ideal king, devoted husband, and seventh avatar of Vishnu. It bestows righteousness, destroys enemies, and grants the fulfilment of sincere prayers.
Last updated: 19 April 2026 · Traditional Vedic devotional text
Benefits of Ram Chalisa
- ·Righteousness and dharmic guidance in life
- ·Victory over enemies and adversity
- ·Domestic happiness and marital harmony
- ·Moksha and liberation from karmic cycles
Best Time to Recite
Ram Navami, Tuesday, Ekadashi, and daily morning recitation.
राम चालीसा — पाठ
॥ श्री राम चालीसा ॥
दोहा
श्री रामचंद्र कृपालु भजमन, हरण भवभय दारुणम्। नव कंज लोचन कंज मुख, कर कंज पद कंजारुणम्॥
॥ 1 ॥
जय रघुनंदन जय जय राघव। जय सीतापति जय करुणासागर॥
॥ 2 ॥
जय दशरथ सुत कोसलपाला। शत्रु-विनाशन परम-कृपाला॥
॥ 3 ॥
जगत-जननी जानकी के प्राणा। लक्ष्मण-भ्राता भरत-सुजाना॥
॥ 4 ॥
मनुज अवतार धरे रघुराया। पापियों को तुमने पार कराया॥
॥ 5 ॥
बाल्मीकि ने गाया तुम्हें गाथा। तुलसी ने नाम जपे तुम्हारे नाथा॥
॥ 6 ॥
राम नाम सब से है उत्तम। मुक्ति-मार्ग का परम है क्रम॥
॥ 7 ॥
जटायु-उद्धार किया रघुपति ने। गीध को मुक्ति दी निज भगति ने॥
॥ 8 ॥
शबरी के बेर प्रभु ने खाए। भक्त वत्सल का नाम कहाए॥
॥ 9 ॥
सुग्रीव की मित्रता निभाई। बाली का वध कर राज दिलाई॥
॥ 10 ॥
लंका विजय किया रघुनंदन। रावण वध कर लिया चंदन॥
॥ 11 ॥
सीता माँ को किया उद्धारा। रावण का अंत किया संसारा॥
॥ 12 ॥
विभीषण को राज्य दिलाया। लंका में धर्म का झंडा फहराया॥
॥ 13 ॥
अयोध्या में राज्याभिषेक। राम-राज्य का आनंद अनेक॥
॥ 14 ॥
तुम हो आत्मा सब जन की। तुम में विलसित सृष्टि अनंत की॥
॥ 15 ॥
ब्रह्मा-विष्णु-शिव सब तुम्हारे। देव सकल हैं तुम पर वारे॥
॥ 16 ॥
राम नाम का जाप करे जो। भव-सागर से पार हो सो॥
॥ 17 ॥
पाप ताप सब दूर हटाओ। भक्त हृदय में वास बनाओ॥
॥ 18 ॥
राम-नाम गंगा से पावन। जपत सकल पातक हो दावन॥
॥ 19 ॥
रामायण का पाठ जो करे। नित्य मंगल उसके घर भरे॥
॥ 20 ॥
हनुमान की भक्ति करावे। राम-कृपा नित उसे मिलावे॥
॥ 21 ॥
संकट में राम नाम को जपो। सब विघ्न-विनाशन का फल तपो॥
॥ 22 ॥
सात्विक जीवन जो नर जीवे। राम-कृपा का अमृत पीवे॥
॥ 23 ॥
राम-नवमी जो व्रत करे। राम-कृपा का भंडार भरे॥
॥ 24 ॥
एकादशी और मंगल-भक्ति। राम चरण में जोड़े शक्ति॥
॥ 25 ॥
तुलसी दल राम को चढ़ावे। सो भक्त अपना मनोरथ पावे॥
॥ 26 ॥
रामदूत हनुमान सहाई। संकट काटे राम की छाई॥
॥ 27 ॥
धनुष-बाण को कर में धारे। त्रिभुवन के तुम हो रखवारे॥
॥ 28 ॥
मर्यादा-पुरुषोत्तम राया। सब जग तुम पर जीवन पाया॥
॥ 29 ॥
जो यह चालीसा नित पढ़े। राम-कृपा में वो नित बढ़े॥
॥ 30 ॥
शत्रु-भय से जो घबराये। राम-नाम जपे, भय न सताये॥
॥ 31 ॥
बीमारी में राम को ध्यावे। स्वास्थ्य और आरोग्य मन पावे॥
॥ 32 ॥
धन-संपत्ति की हो जब आस। राम-नाम का करे अभ्यास॥
॥ 33 ॥
राम-राज्य की स्थापना करो। हर हृदय में धर्म का प्रकाश भरो॥
॥ 34 ॥
जन जन में जागृति लाओ। धर्म-अधर्म का भेद बताओ॥
॥ 35 ॥
जय जय राम कृपालु रघुपति। जय जानकी-वल्लभ सुख-संपति॥
॥ 36 ॥
राम नाम सुमिरन करत जोई। कबहुँ न ताकी विपत्ति होई॥
॥ 37 ॥
सिया-राम जय सीताराम। यही है जग का सबसे उत्तम नाम॥
॥ 38 ॥
जय जय जय राम जन्म के दाता। जय कोसल-नरेश ब्रह्म-विधाता॥
॥ 39 ॥
राम चालीसा पाठ जो करे। नित मंगल उसके जीवन में भरे॥
॥ 40 ॥
अंत समय रघुपति पुर जाई। हरि-भक्त कहाई राम-शरणाई॥
दोहा
राम नाम की महिमा अगम, जानत हैं सब लोग। तुलसी जाको सुमिरे, मिटे सकल भव-भोग॥
Frequently Asked Questions
Q.What are the benefits of Ram Chalisa?
Ram Chalisa brings dharmic guidance, victory over enemies, domestic happiness, and liberation. It purifies the mind, strengthens moral resolve, and grants Lord Rama's protection in all adversities.
Q.When is the best time to recite Ram Chalisa?
Ram Navami (April–May), Tuesday, Ekadashi, and daily morning recitation. In the Ramayana tradition, reciting Ram Chalisa 108 times on Ram Navami is considered equivalent to full Ramayan path.