वास्तु मंत्र — पुरुष, विश्वकर्मा और दैनिक सुरक्षा मंत्र
संक्षिप्त उत्तर
प्राथमिक वास्तु पुरुष मंत्र है "ॐ वास्तोष्पते प्रतिजानीह्यस्मान्" — निर्माण, नवीकरण या गृहप्रवेश के दौरान 108 बार जाप करें।
अंतिम अपडेट: 23 अप्रैल 2026 · स्रोत: वास्तु शास्त्र परंपरा
मंत्र वास्तु अभ्यासों के साथ कंपन उपकरण के रूप में काम करते हैं।
वास्तु पुरुष मंत्र
"ॐ वास्तोष्पते प्रतिजानीह्यस्मान्..." — गृहप्रवेश, नए निर्माण और प्रमुख नवीकरण के दौरान 108 बार जाप।
विश्वकर्मा मंत्र
निर्माण कार्य के लिए। विश्वकर्मा पूजा के दिन जाप।
दैनिक गृह सुरक्षा मंत्र
"ॐ नमो भगवते वास्तोष्पतये, गृहं रक्ष, कुटुम्बं रक्ष..."
जाप दिशानिर्देश
पूर्व या उत्तर की ओर मुख। रुद्राक्ष या स्पटिक माला। ब्रह्म मुहूर्त (4-6 बजे) सर्वोत्तम।
मुख्य वास्तु टिप्स
- ✓वास्तु पुरुष मंत्र: गृहप्रवेश और नवीकरण के दौरान 108 बार
- ✓निर्माण से पहले विश्वकर्मा मंत्र
- ✓पूर्व या उत्तर की ओर मुख
- ✓रुद्राक्ष या स्पटिक माला
- ✓ब्रह्म मुहूर्त सर्वोत्तम समय
FAQ — वास्तु मंत्र — वास्तु पुरुष और विश्वकर्मा मंत्र
प्र.वास्तु पुरुष मंत्र क्या है?
"ॐ वास्तोष्पते प्रतिजानीह्यस्मान्..." — ऋग्वेद से। वास्तोष्पति का आह्वान करता है।
प्र.वास्तु मंत्र कब जाप करने चाहिए?
गृहप्रवेश, निर्माण शुरू करने से पहले, नवीकरण के दौरान और दैनिक सुबह।
प्र.कौन सा मंत्र वास्तु दोष दूर करता है?
वास्तु पुरुष मंत्र, महामृत्युंजय मंत्र और "ॐ नमः शिवाय" दोष क्षेत्र में।