D3 — द्रेक्काण
द्रेक्काण चार्ट (D3)
भाई-बहन, साहस, लघु यात्राएं और संचार
विवरण
द्रेक्काण चार्ट (D3) में प्रत्येक राशि को तीन 10-10 अंश के भागों में विभाजित किया जाता है। यह चार्ट मुख्यतः भाई-बहनों, साहस, पराक्रम और संचार क्षमता का विश्लेषण करता है। BPHS में ऋषि पराशर ने D3 को तृतीय भाव का विशेष वर्ग चार्ट बताया है। भाई-बहनों की संख्या, उनका स्वभाव, उनसे संबंध और उनका भाग्य सब D3 से जाना जा सकता है। मंगल ग्रह D3 का नैसर्गिक कारक है — D3 में मंगल की स्थिति शारीरिक साहस और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता दिखाती है। बुध का D3 में बली होना वाक्-चातुर्य और लेखन कौशल देता है। लघु यात्राएं (अपने राज्य या देश के भीतर) भी D3 से देखी जाती हैं। किसी व्यक्ति की हस्तकला, खेलकूद और तकनीकी कौशल भी इस चार्ट से जुड़े हैं।
कैसे पढ़ें
D3 में तृतीय भाव और तृतीयेश की स्थिति देखें — यह भाई-बहनों का प्रमुख संकेत है। लग्न और लग्नेश D3 में व्यक्ति की साहस शैली बताते हैं। शुभ ग्रह D3 तृतीय में हों तो भाई-बहन सहयोगी होते हैं। मंगल का D3 में केंद्र या त्रिकोण में होना शारीरिक साहस देता है। D1 तृतीय भाव के साथ D3 का मिलान करें। D3 लग्न की राशि और उसका स्वामी देखें — यह व्यक्ति का पराक्रम-स्वरूप बताता है।
महत्व
D3 का उपयोग मुख्यतः भाई-बहन संबंधित प्रश्नों, साहस परीक्षण और संचार क्षमता देखने के लिए होता है। यह एक मध्यम-महत्व का चार्ट है जिसे D1 के तृतीय भाव विश्लेषण के साथ देखा जाता है।
सामान्य प्रश्न
प्र.D3 से भाई की आयु का अनुमान लगाया जा सकता है?
शास्त्रीय ज्योतिष में D3 से भाई-बहनों की संख्या और उनकी आयु का अनुमान लगाया जाता था। D3 में तृतीय भाव में ग्रहों की संख्या और तृतीयेश की दशा काल देखकर भाई-बहन संबंधी घटनाओं का समय जाना जाता है। हालाँकि आधुनिक परिप्रेक्ष्य में यह अनुमान ही रहता है, निश्चित नहीं।
प्र.D3 में शत्रु ग्रह का क्या अर्थ है?
D3 के तृतीय भाव में शत्रु या पाप ग्रह (शनि, मंगल, राहु, केतु) हों तो भाई-बहनों से मतभेद, प्रतिस्पर्धा या अलगाव संभव है। यह योग यह भी बता सकता है कि साहस उग्र रूप लेता है या जोखिम लेने की प्रवृत्ति अत्यधिक है। शुभ ग्रहों की दृष्टि से यह दोष कम होता है।
प्र.खेलकूद और D3 का क्या संबंध है?
मंगल D3 में बली हो और D3 लग्न से केंद्र में हो तो व्यक्ति खेलकूद, मार्शल आर्ट या शारीरिक प्रतिस्पर्धा में उत्कृष्ट होता है। D3 लग्न में मंगल हो तो व्यक्ति में प्रतिस्पर्धात्मक जोश और शारीरिक ऊर्जा अधिक होती है। D1 के तृतीय भाव में मंगल के साथ D3 में भी मंगल बली हो तो खेल जगत में यश मिल सकता है।
प्र.छोटे-बड़े दोनों भाई-बहन D3 से ही देखे जाते हैं?
वैदिक परंपरा में D1 का तृतीय भाव छोटे भाई-बहनों का और एकादश भाव बड़े भाई-बहनों का संकेतक है। D3 मुख्यतः छोटे भाई-बहनों का वर्ग चार्ट है। बड़े भाई-बहनों के लिए D3 एकादश भाव पर विशेष ध्यान दें। कुछ आचार्य D3 को सभी भाई-बहनों का समान रूप से संकेतक मानते हैं।