D4 — चतुर्थांश
चतुर्थांश चार्ट (D4)
संपत्ति, भूमि, वाहन और स्थायी सुख
विवरण
चतुर्थांश चार्ट (D4) में प्रत्येक राशि को चार 7.5-7.5 अंश के भागों में बांटा जाता है। यह चार्ट भूमि, मकान, वाहन और स्थायी संपत्ति के भाग्य का प्रमुख विश्लेषक है। BPHS में D4 को "तुर्यांश" भी कहा गया है। चतुर्थ भाव D1 में घर, माता और सुख-सुविधाओं का कारक है — D4 इसी विषय की गहराई से पड़ताल करता है। D4 में चतुर्थ भाव और उसका स्वामी मकान स्वामित्व की संभावना बताते हैं। गुरु या शुक्र D4 के केंद्र में हों तो जातक को विरासत में या स्वयं के प्रयास से संपत्ति मिलती है। शनि D4 में संपत्ति को देर से लेकिन स्थायी रूप से देता है। मंगल D4 में भूमि और वाहन के मामले में साहसी निर्णय करवाता है। आधुनिक संदर्भ में D4 से वाहन, फ्लैट, प्लॉट और किसी भी स्थायी निवेश का विश्लेषण होता है।
कैसे पढ़ें
D4 का चतुर्थ भाव और उसका स्वामी सबसे पहले देखें। D4 लग्न और लग्नेश की स्थिति व्यक्ति के संपत्ति-भाग्य का आधार है। शुभ ग्रह (गुरु, शुक्र, चंद्र) D4 के केंद्र-त्रिकोण में हों तो संपत्ति प्राप्ति सुलभ है। पाप ग्रह (शनि, राहु, मंगल) D4 के चतुर्थ में हों तो संपत्ति में विवाद या विलंब हो सकता है। D1 के चतुर्थ भाव की स्थिति के साथ D4 का मिलान करें। मकान खरीदने या बेचने का निर्णय लेते समय D4 का अवश्य विश्लेषण करें।
महत्व
D4 का उपयोग तब विशेष रूप से होता है जब संपत्ति खरीद, भूमि विवाद, वाहन खरीद या पैतृक संपत्ति के बारे में प्रश्न हो। यह D1 के चतुर्थ भाव का पूरक चार्ट है।
सामान्य प्रश्न
प्र.D4 से मकान कब मिलेगा यह जाना जा सकता है?
D4 के चतुर्थेश की दशा और D1 में चतुर्थेश की अंतर्दशा जब एक साथ सक्रिय हों, तब मकान की प्राप्ति संभव होती है। गोचर में गुरु D4 के लग्न या चतुर्थ भाव से गुजरे और अनुकूल दशा हो तो संपत्ति प्राप्ति का समय आता है।
प्र.D4 में राहु का क्या प्रभाव है?
D4 में राहु की स्थिति संपत्ति में अनपेक्षित उतार-चढ़ाव, विदेशी संपत्ति या अपरंपरागत माध्यम से संपत्ति प्राप्ति दर्शा सकती है। राहु D4 के चतुर्थ में हो तो किराए की संपत्ति पर निर्भरता या संपत्ति विवाद हो सकते हैं। शुभ दृष्टि से यह दोष कम होता है।
प्र.D4 और D1 के चतुर्थ भाव में विरोध हो तो क्या करें?
यदि D1 में चतुर्थ भाव शुभ हो परंतु D4 दुर्बल हो तो संपत्ति में सामान्य संकेत मिलेंगे परंतु विशेष सौभाग्य नहीं होगा। यदि D1 में चतुर्थ दुर्बल हो और D4 भी दुर्बल हो तो संपत्ति-विषयक कठिनाइयाँ अधिक होंगी। इस स्थिति में उपाय (रत्न, मंत्र, दान) सुझाए जाते हैं।
प्र.क्या D4 से वाहन दुर्घटना का अनुमान लगाया जा सकता है?
वाहन दुर्घटना के लिए D4 से अधिक D1 का अष्टम भाव और मंगल की स्थिति देखी जाती है। D4 में मंगल की उग्र स्थिति वाहन संबंधित जोखिम का संकेत दे सकती है, परंतु यह निश्चित भविष्यवाणी नहीं है। D4 मुख्यतः संपत्ति-प्राप्ति का चार्ट है, न कि दुर्घटना-विश्लेषण का।