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भगवान हनुमान, भगवान राम — पूजा विधि

सुंदरकांड पाठ विधि

सुंदरकांड पाठ की संपूर्ण चरण दर चरण विधि। घर पर या मंदिर में सुंदरकांड पाठ करने की सही वैदिक विधि।

देवताभगवान हनुमान, भगवान राम
अवधि2–3 घंटे
शुभ समयमंगलवार या शनिवार। ब्रह्म मुहूर्त या संध्या काल। किसी बड़ी बाधा का सामना करते समय।

अंतिम अपडेट: 20 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा

सुंदरकांड पाठ — चरण दर चरण विधि

  1. 1

    गणेश पूजा से शुरू करें

  2. 2

    घी का दीपक और अगरबत्ती जलाएं

  3. 3

    हनुमान प्रतिमा रखें

  4. 4

    हनुमान आवाहन मंत्र से शुरू करें

  5. 5

    भक्तिपूर्वक सुंदरकांड के सभी 68 श्लोकों का पाठ करें

  6. 6

    हनुमान चालीसा और आरती से समाप्त करें।

सुंदरकांड पाठ के महत्वपूर्ण नियम

• पूजा से पहले स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें।

• पूजा करते समय पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करें।

• पूजा के दौरान मोबाइल और अन्य विकर्षण दूर रखें।

• मासिक धर्म के दौरान महिलाएं मुख्य अनुष्ठान में भाग न लें।

• एकाग्र और भक्तिपूर्ण मन से पूजा करें।

• एक बार शुरू की गई पूजा अधूरी न छोड़ें।

सुंदरकांड पाठ के लाभ

सभी बाधाएं और शत्रु दूर होते हैं, कठिन परिस्थितियों में विजय मिलती है, भय और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है, रोगों से मुक्ति, न्यायालय के मामलों में सफलता मिलती है।

FAQ — सुंदरकांड पाठ विधि

प्र.क्या सुंदरकांड पाठ घर पर की जा सकती है?

हाँ, सुंदरकांड पाठ घर पर की जा सकती है।

प्र.सुंदरकांड पाठ में कितना समय लगता है?

सुंदरकांड पाठ में सामान्यतः 2–3 घंटे का समय लगता है।

प्र.क्या सुंदरकांड पाठ के लिए पंडित जरूरी है?

सुंदरकांड पाठ परिवार के मुखिया द्वारा की जा सकती है, लेकिन जटिल अनुष्ठानों के लिए अनुभवी पंडित की सहायता लेना उचित है।

प्र.सुंदरकांड पाठ का सबसे अच्छा समय क्या है?

मंगलवार या शनिवार। ब्रह्म मुहूर्त या संध्या काल। किसी बड़ी बाधा का सामना करते समय।