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भगवान हनुमान, भगवान राम — पूजा मंत्र

सुंदरकांड पाठ मंत्र

सुंदरकांड पाठ के सभी मंत्र संस्कृत में अर्थ, उच्चारण और जप संख्या सहित।

अंतिम अपडेट: 20 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा

सुंदरकांड पाठ के मंत्र

सुंदरकांड पाठ बीज मंत्र

108 बार

ॐ नमः

सुंदरकांड पाठ के लिए आशीर्वाद प्राप्त करने का सार्वभौमिक मंत्र।

गायत्री मंत्र

108 बार

ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्

हम सर्वश्रेष्ठ परमात्मा का ध्यान करते हैं जो हमारी बुद्धि को प्रेरित करें।

महामृत्युंजय मंत्र

108 बार

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्।

हम तीन नेत्रों वाले शिव की पूजा करते हैं। हमें मृत्यु से मुक्त करें और अमृत प्रदान करें।

मंत्र जप की सही विधि

• पूर्व या उत्तर दिशा में बैठकर जप करें।

• 108 मनकों की माला से संख्या गिनें।

• न बहुत तेज़, न बहुत धीमे — मध्यम गति से स्पष्ट उच्चारण करें।

• जप से पहले संकल्प (इरादा) स्थापित करें।

• यदि संभव हो तो एक बैठक में पूरी संख्या पूर्ण करें।

• ब्रह्म मुहूर्त (भोर 4–6 बजे) या पूजा के समय जप करने से अधिक लाभ होता है।

FAQ — सुंदरकांड पाठ मंत्र

प्र.सुंदरकांड पाठ में सबसे महत्वपूर्ण मंत्र कौन सा है?

सुंदरकांड पाठ का प्रमुख मंत्र है — सुंदरकांड पाठ बीज मंत्र: ॐ नमः। इसे 108 बार जपें।

प्र.क्या नए लोग भी ये मंत्र जप सकते हैं?

हाँ, ये मंत्र सभी के लिए हैं। यदि संस्कृत उच्चारण कठिन लगे तो देवता का नाम सच्चे मन से जपना भी उतना ही प्रभावी है।

प्र.मंत्र मन में जपें या ज़ोर से?

दोनों प्रभावी हैं। पूजा में ज़ोर से जप (वाचिक जप) करें। मानसिक जप (मानसिक जप) सबसे शक्तिशाली माना जाता है।